उधर US-जापान कर रहे थे चीन के खिलाफ गठजोड़, इधर ड्रैगन ने मिलिट्री ड्रिल कर

चीन ने बुधवार को फिर से ताइवान पर हमला करने की धमकी दी है और खुली चेतावनी दी कि स्वशासित द्वीप के साथ बातचीत करने वाले विदेशी राजनेता “आग से खेल रहे हैं।” चीन की यह धमकी तब आई है, जब वाशिंगटन में जापान और अमेरिका के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री इंडो-पैसेफिक इलाके में चीनी खतरों के खिलाफ रक्षा समझौतों पर गठजोड़ कर रहे थे।
चीन के ताइवान मामलों के कार्यालय के एक प्रवक्ता मा शियाओगुआंग ने कहा कि देश ने नए साल में “संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करने” और “ताइवान की स्वतंत्रता के लिए विनाशकारी साजिशों को नष्ट करने” का संकल्प लिया है। ताइवान 1949 में चीन की मुख्य भूमि से अलग हो गया था और खुद को एक संप्रभु और स्वायत्त देश मानता है, जबकि चीन उससे इनकार करता रहा है।
मा शियाओगुआंग ने द्विवार्षिक समाचार सम्मेलन में कहा,”कुछ देशों द्वारा चीन विरोधी ताइवान की स्वतंत्रता के लिए दुर्भावनापूर्ण समर्थन करना जानबूझकर एक उकसावा है।”
चीन ताइवान को एक चीनी क्षेत्र के रूप में ही देखता है और उसे बलपूर्वक बीजिंग के नियंत्रण में लाने की कोशिश करता रहा है। उधर, हाल के महीनों में ताइवान में विदेशी राजनेताओं की यात्रा से चीन बौखला गया है। दिसंबर 2022 में तत्कालीन अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी और यूरोपीय संघ के कई राजनेताओं ने ताइवान का दौरा किया था।
ताइवान में बढ़ते विदेशी दखल और क्षेत्र में जापान-अमेरिका के गठजोड़ से बौखलाए चीन ने ताइवान जलडमरूमध्य में सैनिक ड्रिल कर चेतावनी दी है। उधर, ताइवान की सेना भी इस महीने के चंद्र नववर्ष की छुट्टी से पहले चीन के खतरों का मुकाबला करने की अपनी क्षमता के बारे में जनता को आश्वस्त करने के उद्देश्य से सैन्य अभ्यास कर रही है। बीजिंग पहले ही ताइवान स्ट्रेट में युद्धपोत और लड़ाकू विमान उतार चुका है।







