नवरात्रि-दुर्गा उत्सव को लेकर पुलिस-प्रशासन की आयोजन समितियों से अपील, शांति और सौहार्द पर जोर

रायगढ़: आगामी नवरात्रि और दुर्गा उत्सव को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए खरसिया में प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी सिलसिले में 9 अक्टूबर 2026 को खरसिया रेस्ट हाउस में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें गरबा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दुर्गा प्रतिमा उत्सव, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई।

बैठक में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अधिकारियों और विभिन्न दुर्गा उत्सव आयोजन समितियों के सदस्यों ने हिस्सा लिया। सभी से पर्व के दौरान आपसी समन्वय बनाए रखने और शांति एवं सौहार्द के साथ आयोजन संपन्न कराने की अपील की गई।

 गरबा और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की व्यवस्था पर चर्चा

बैठक में खरसिया नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग, उपाध्यक्ष बंटी सोनी, नगर मंडल अध्यक्ष विजय शर्मा, एसडीएम प्रवीण भगत, एसडीओपी सतीश भार्गव और खरसिया चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी सहित आयोजन समितियों के सदस्य मौजूद रहे।

अधिकारियों ने समितियों के साथ आगामी धार्मिक आयोजनों की तैयारियों और कार्यक्रमों के सुचारू संचालन पर चर्चा की। गरबा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अनुशासन बनाए रखने के साथ श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

 भीड़ प्रबंधन और यातायात पर रहेगा ध्यान

बैठक में त्योहार के दौरान भीड़ को व्यवस्थित रखने, यातायात सुचारू बनाए रखने और आम नागरिकों को होने वाली असुविधा कम करने के लिए जरूरी व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। प्रशासन और पुलिस ने आयोजन समितियों से अपील की कि वे कार्यक्रमों की तैयारियों तथा संचालन के दौरान संबंधित अधिकारियों के संपर्क में रहें।

समितियों के सदस्यों ने प्रशासन और पुलिस को सहयोग देने की सहमति जताई। उन्होंने नवरात्रि और दुर्गा उत्सव को धार्मिक आस्था, हर्षोल्लास और आपसी भाईचारे के साथ मनाने का भरोसा दिलाया।

पुलिस ने नागरिकों से की अपील

रायगढ़ पुलिस ने नागरिकों से नवरात्रि और दुर्गा उत्सव के दौरान आपसी प्रेम, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। किसी संदिग्ध गतिविधि या कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्या की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा प्रशासन को दें।

प्रशासन और पुलिस का उद्देश्य त्योहारों के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और धार्मिक आयोजनों को सुचारू रूप से संपन्न कराना है। इसके लिए आयोजन समितियों और स्थानीय नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की गई है।

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