नशे के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई! गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को दिए ये बड़े निर्देश

कवर्धा : छत्तीसगढ़ में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस अब और सख्त कार्रवाई करेगी। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने पुलिस अधिकारियों को नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी, परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा कि कार्रवाई केवल नशे के कारोबार में शामिल लोगों की गिरफ्तारी तक सीमित न रहे, बल्कि पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की दिशा में होनी चाहिए।
कवर्धा के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय में राजनांदगांव रेंज स्तरीय एनडीपीएस कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें राजनांदगांव रेंज के पुलिस अधिकारी और विवेचना अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
‘नशे के पूरे नेटवर्क तक पहुंचना जरूरी’
कार्यशाला को संबोधित करते हुए विजय शर्मा ने कहा कि नशे के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई सिर्फ आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। पुलिस को नशे के सौदागरों के साथ-साथ उनके पूरे नेटवर्क तक पहुंचना होगा और उसे खत्म करना होगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि नशीले पदार्थों के निर्माण, बिक्री, परिवहन, आयात-निर्यात और भंडारण में शामिल लोगों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए।
वैज्ञानिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों पर जोर
गृह मंत्री ने पुलिस अधिकारियों को विवेचना की गुणवत्ता मजबूत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि नशे से जुड़े मामलों में वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का प्रभावी इस्तेमाल किया जाए, ताकि आरोपी केवल गिरफ्तार होकर बाहर न निकलें, बल्कि न्यायालय में भी उनके खिलाफ अपराध साबित हो सके।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि नशे के कारोबार से जुड़े मामलों में नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ते हुए कार्रवाई की जाए और इसके पीछे काम करने वाले मुख्य आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जाए।
नशे के कारोबारियों के लिए सख्त संदेश
कार्यशाला में दिए गए निर्देशों से सरकार की नीति स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में नशीले पदार्थों के कारोबार को लेकर किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। पुलिस को नशे की सप्लाई चेन और इससे जुड़े पूरे नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने पर फोकस करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि एनडीपीएस मामलों में पुलिस की कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है और नशे के कारोबार से जुड़े बड़े नेटवर्क तक कार्रवाई किस स्तर तक पहुंचती है।







