कोंडागांव के बांसकोट में स्वास्थ्य सेवाओं की खुली पोल, डॉक्टर नहीं होने से 10 पंचायतों के ग्रामीण परेशान

बांसकोट (कोंडागांव) : कोंडागांव जिले के सुदूर अंचल बांसकोट में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बांसकोट स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) पर्याप्त स्टाफ के अभाव में संचालित हो रहा है। अस्पताल में नियमित डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन नहीं होने के कारण मरीजों को इलाज और जांच के लिए दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, बांसकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आसपास की करीब 10 ग्राम पंचायतों के हजारों ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए निर्भर हैं। लेकिन अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सकीय स्टाफ नहीं होने से मरीजों को कई बार 20 से 50 किलोमीटर दूर विश्रामपुरी जाना पड़ता है।

तीन नर्सों के भरोसे स्वास्थ्य केंद्र

ग्रामीणों के अनुसार वर्तमान में अस्पताल की व्यवस्था मुख्य रूप से तीन नर्सों के भरोसे चल रही है। डॉक्टर और लैब टेक्नीशियन की कमी के कारण मरीजों को सामान्य स्वास्थ्य जांच से लेकर गंभीर मामलों तक में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि जांच की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं होने से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर मरीजों को विशेष दिक्कत होती है। स्थानीय लोगों ने दवाइयों की उपलब्धता को लेकर भी शिकायत की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ मौकों पर इमरजेंसी के समय स्वास्थ्य केंद्र बंद मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

इलाज के लिए दूर जाने को मजबूर ग्रामीण

स्थानीय लोगों का कहना है कि बांसकोट जैसे दूरस्थ क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके नजदीक ही बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। लेकिन डॉक्टर और जांच से जुड़े कर्मचारियों की कमी के कारण लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि बांसकोट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थायी डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और आवश्यक अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों की जल्द नियुक्ति की जाए। साथ ही अस्पताल में पर्याप्त दवाइयां और जांच सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र की बड़ी आबादी, विशेषकर गरीब और आदिवासी परिवारों के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधा बेहद जरूरी है।

ग्रामीणों ने उठाई व्यवस्था सुधारने की मांग

बांसकोट के उपसरपंच राजेश साहू ने कहा कि क्षेत्र के हजारों ग्रामीण इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर हैं। ऐसे में डॉक्टर और अन्य जरूरी स्टाफ की कमी से लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने प्रशासन से जल्द व्यवस्था सुधारने और अस्पताल में पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की नियुक्ति की मांग की है।

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