सक्ती में छात्रावास-आश्रमों की बदलेगी व्यवस्था! कलेक्टर जयश्री जैन ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

सक्ती:  जिले में आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास एवं आश्रमों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने समीक्षा बैठक ली। बैठक में विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने, साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य जांच और छात्रावासों की नियमित निगरानी को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

साफ-सफाई और बच्चों की व्यक्तिगत स्वच्छता पर जोर

कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन ने कहा कि छात्रावास और आश्रमों में साफ-सफाई की व्यवस्था बेहतर होनी चाहिए। इसके साथ ही विद्यार्थियों में व्यक्तिगत स्वच्छता की आदत विकसित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने विद्यार्थियों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने तथा उन्हें दी जाने वाली स्वच्छता सामग्री का समय-सीमा में वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भोजन की गुणवत्ता पर रहेगी नजर

बैठक में मेस संचालन व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने मेस नायक की भूमिका और जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से निर्धारित करने के निर्देश दिए, ताकि भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और मेस की व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही न हो।

उन्होंने छात्रावासों में नोडल अधिकारियों द्वारा दिए गए सुधार संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने और उसका पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही छात्रावासों से जुड़े सभी अभिलेख निर्धारित समय-सीमा में अद्यतन रखने के निर्देश दिए।

हर महीने होगी निगरानी समिति और पालकों की बैठक

छात्रावास-आश्रमों की व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी के लिए कलेक्टर ने निगरानी समिति और पालकों की बैठक प्रत्येक माह आयोजित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य बच्चों की समस्याओं, सुविधाओं और छात्रावासों की व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करना है।

मरम्मत कार्यों को लेकर भी कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि जहां सरपंच एजेंसी के रूप में मरम्मत कार्य करा रहे हैं, वहां संबंधित अधिकारी सरपंच से समन्वय बनाकर कार्य की गुणवत्ता की नियमित निगरानी करें, ताकि निर्माण एवं मरम्मत कार्य गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे हो सकें।

बच्चों के स्वास्थ्य और आंखों की जांच पर विशेष फोकस

कलेक्टर श्रीमती जैन ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण और नेत्र परीक्षण कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि कम उम्र में बच्चों को चश्मा लगाने की समस्या बढ़ रही है। ऐसे में विद्यार्थियों की नियमित आंखों की जांच कराई जाए और उन्हें नेत्र स्वास्थ्य के प्रति आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक किया जाए।

बैठक में अपर कलेक्टर बालेश्वर राम, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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