बच्चों के सपनों को पंख: दंतेवाड़ा में बनेंगे खेल मैदान, सारा तेंदुलकर को बड़ी जिम्मेदारी

दंतेवाड़ा : मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर और डॉ. अंजलि तेंदुलकर का ‘सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन’ (STF) ग्रामीण और वंचित बच्चों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रहा है। अप्रैल 2026 में सचिन तेंदुलकर ने छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर (दंतेवाड़ा) का दौरा किया। यहां फाउंडेशन ‘मैदान कप’ पहल के जरिए खेल का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रहा है। इसके साथ ही उनकी बेटी सारा तेंदुलकर भी अब फाउंडेशन के बोर्ड में बतौर डायरेक्टर शामिल हो गई हैं।

बस्तर में ‘मैदान कप’ से जुड़ेंगे 5000 बच्चे

सचिन तेंदुलकर ने 22 और 23 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले का दौरा किया। यहां सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन ‘मैदान कप’ पहल के तहत 50 स्कूलों में खेल के मैदान विकसित कर रहा है। इस प्रोजेक्ट का सीधा फायदा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के 5,000 से अधिक बच्चों को मिलेगा। इसका मकसद खेलों के जरिए स्थानीय युवाओं में नई ऊर्जा भरना और उन्हें समान अवसर प्रदान करना है।

सारा तेंदुलकर बनीं STF की नई डायरेक्टर

फाउंडेशन की लीडरशिप में भी अहम बदलाव हुआ है। सचिन की बेटी सारा तेंदुलकर अब सचिन तेंदुलकर फाउंडेशन में एक निदेशक (Director) के रूप में शामिल हो गई हैं। नई जिम्मेदारी के तहत सारा मुख्य रूप से बच्चों के हेल्थ और न्यूट्रिशन (पोषण) से जुड़े प्रोजेक्ट्स को लीड करेंगी।

हेल्थ और एजुकेशन सेक्टर में फाउंडेशन के अहम काम

साल 2019 से एस्टेब्लिश यह फाउंडेशन खेल के अलावा स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी पूरी तरह एक्टिव है:

हेल्थ मिशन: फाउंडेशन ग्रामीण क्षेत्रों में ‘क्लेफ्ट लिप’ (कटे होंठ) और तालू की सर्जरी के लिए मुफ्त मेडिकल सुविधा प्रदान करता है। इसके अलावा बच्चों के जन्म के शुरुआती 1,000 दिनों के दौरान बेहतर पोषण सुनिश्चित करने के लिए खास अभियान चलाए जा रहे हैं।

एजुकेशन और स्कॉलरशिप: एसटीएफ (STF) मेधावी लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को कॉलेज और उच्च शिक्षा के लिए स्कॉलरशिप देता है। साथ ही बच्चों को सही करियर गाइडेंस और मेंटरशिप भी उपलब्ध कराई जाती है।

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