निजी विद्यालय शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप ही फीस निर्धारित करें : कलेक्टर

महासमुंद :  कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय (फीस का विनियमन) अधिनियम 2020 अंतर्गत गठित जिला फीस समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के निजी विद्यालयों में शुल्क निर्धारण एवं उससे जुड़े प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

इस अवसर पर सदस्य सचिव जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे, जिला कोषालय अधिकारी सुरेश कुमार चौधरी, सेवानिवृत्त प्राचार्य शिक्षाविद के.आर. चंद्राकर, वरिष्ठ अधिवक्ता कानूनविद अनिल शर्मा, अभिभावक राजेश पटेल, घनश्याम पटेल, विद्यालय प्रबंधन सदस्य सुरेश बंसल, पारस चोपड़ा एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा उपस्थित रहे।

कलेक्टर लंगेह ने बैठक में निर्देश दिए कि सभी निजी विद्यालय शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप ही फीस निर्धारित करें और विद्यार्थियों एवं अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक भार न डालें। कलेक्टर लंगेह ने अधिनियम 2020 के नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक महत्वपूर्ण अधिकार है, इसलिए फीस निर्धारण में पारदर्शिता और न्यायसंगतता सुनिश्चित की जानी चाहिए। यदि किसी भी विद्यालय द्वारा निर्धारित नियमों का उल्लंघन किया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला फीस समिति के अनुमोदन के पश्चात ही फीस बढ़ोत्तरी किया जाएगा। स्कूल निर्धारित शर्तां के तहत ही अतिरिक्त सुविधा प्रदान करते हुए समिति के निर्णयानुसार फीस बढ़ोत्तरी कर सकती है। लेकिन उसकी भी सीमा है। उन्होंने कहा कि समिति द्वारा अभी तक किसी भी निजी स्कूल के फीस बढ़ोत्तरी का प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है। साथ ही आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश शुल्क की प्रक्रिया का अक्षरशः पालन करने निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में पात्र विद्यार्थी न छूटे और अपात्रों का चयन न हो। पहले चरण के आवेदन की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। द्वितीय चरण की प्रक्रिया प्रारम्भ होगी। साथ ही अपार आईडी के संबंध में भी दिशा-निर्देश दिए गए।

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