इस बार क्यों राम नवमी मानी जा रही है खास, समय और संयोग पर एक नजर

हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से लेकर नवमी तिथि तक चैत्र नवरात्र मनाया जाता है। इस साल 19 मार्च से चैत्र नवरात्र की शुरुआत होगी। यह पर्व जगत की देवी मां दुर्गा और उनके नौ रूपों की पूजा की जाती है। साथ ही देवी मां को प्रसन्न कर उनकी कृपा पाने के लिए नौ दिनों तक व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक को जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है।

सनातन शास्त्रों में निहित है कि चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का अवतरण हुआ है। इसके लिए हर साल चैत्र माह में राम नवमी मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की विशेष पूजा की जाती है। वहीं, पूजा समापन होने तक व्रत रखा जाता है। आइए, राम नवमी की सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानते हैं-

राम नवमी शुभ मुहूर्तवैदिक पंचांग के अनुसार, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि 26 मार्च को दिन 11 बजकर 48 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन यानी 27 मार्च को सुबह 10 बजकर 06 मिनट पर समाप्त होगी। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का अवतरण मध्याह्न बेला में हुआ था। इसके लिए 26 मार्च को राम नवमी मनाई जाएगी।

राम नवमी पूजा समय ज्योतिषियों की मानें तो राम नवमी तिथि यानी 26 मार्च को सुबह 11 बजकर 13 मिनट से लेकर दोपहर 01 बजकर 41 मिनट तक पूजा का शुभ समय है। वहीं, दोपहर 12 बजकर 27 मिनट पर मध्याह्न बेला का समय है। आसान शब्दों में कहें तो दोपहर 12 बजकर 27 मिनट भगवान श्रीराम का अवतरण समय है। साधक इस समय में भगवान श्रीराम की पूजा कर सकते हैं।

राम नवमी शुभ योग ज्योतिषियों की मानें तो रामनवमी के दिन शोभन और सर्वार्थ सिद्धि योग समेत कई मंगलकारी संयोग बन रहे हैं। इसके साथ ही रवि और शिववास योग का भी संयोग बन रहा है। इन योग में भगवान श्रीराम की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होगी। साथ ही जीवन में व्याप्त सभी प्रकार के संकटों से मुक्ति मिलेगी।

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