दंतेवाड़ा कलेक्टर ने पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की

दंतेवाड़ा : कलेक्टर दंतेवाड़ा देवेश कुमार ध्रुव ने जिले के पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण कर वहां संचालित व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा की।इस अवसर पर उन्होंने पुनर्वास केंद्र में रह रहे आत्मसमर्पित माओवादियों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी आवश्यकताओं, समस्याओं,रुचियों एवं भविष्य की योजनाओं की विस्तार से जानकारी ली।कलेक्टर ने कहा कि शासन की पुनर्वास नीति के अंतर्गत सभी पात्र आत्मसमर्पित माओवादियों को समयबद्ध रूप से आवश्यक सुविधाएं, योजनाओं का लाभ एवं समुचित सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर एवं सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्र में उपलब्ध खेलकूद, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण, भोजन व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति एवं स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।युवाओं के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए उन्होंने फुटबॉल, बैडमिंटन सहित अन्य खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रोत्साहन मिल सके।

कलेक्टर ने लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से संचालित सिलाई, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डिंग जैसे रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षणों की जानकारी लेते हुए प्रशिक्षणार्थियों से संवाद किया। उन्होंने प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात स्वरोजगार प्रारंभ करने की उनकी योजनाओं के बारे में पूछा। प्रशिक्षणार्थियों द्वारा प्रस्तुत कार्ययोजनाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को उन्हें शासन की विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं से जोड़ने एवं आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान प्रशिक्षणार्थियों द्वारा भविष्य में मार्गदर्शन एवं अनुभववर्धक भ्रमण की आवश्यकता जताने पर कलेक्टर ने अधिकारियों को समय-समय पर केंद्र का भ्रमण कर मार्गदर्शन देने एवं प्रगति की सतत निगरानी के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने जिला, संभाग एवं राजधानी स्तर पर भ्रमण हेतु कार्ययोजना तैयार कर प्रशिक्षणार्थियों को ले जाने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने पुनर्वासितों के सभी आवश्यक मूलभूत दस्तावेज तैयार कराने के निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर ने पुनर्वासितों की रुचि के अनुसार उन्हें उपयुक्त कार्य एवं रोजगार से जोड़ने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि पुनर्वास केंद्र केवल आश्रय का स्थान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, कौशल विकास एवं सामाजिक पुनःस्थापन का सशक्त माध्यम बने यही जिला प्रशासन का उद्देश्य है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, प्रिंसिपल लाइवलीहुड हरीश सिन्हा सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहें।

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