राज्योत्सव के समापन अवसर पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों से गूंजा बेमेतरा का ऐतिहासिक मैदान

बेमेतरा : छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना रजत महोत्सव के समापन अवसर पर मंगलवार शाम बेमेतरा के ऐतिहासिक बेसिक स्कूल मैदान में आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने पूरे शहर के वातावरण को उत्सवमय बना दिया। शाम 4 बजे से प्रारंभ हुए इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने छत्तीसगढ़ की लोककला, नृत्य और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बता दें कि आज के समापन अवसर के मुख्य अतिथि खाद्य मंत्री दयालदास बघेल उपस्थित थे | साथ मे स्थानीय विधायक श्री दिपेश साहू एवं साजा विधायक ईश्वर साहू सहित वरिष्ठ जनप्रतिनिधि उपस्थित थे |

कार्यक्रम का शुभारंभ स्कूली बच्चों की आकर्षक प्रस्तुतियों से हुआ। सेजेस सिंघौरी (हिंदी माध्यम) के विद्यार्थियों ने “सरगुजिया नाचे रे” पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि सेजेस इंग्लिश मीडियम राठी ने “डारा लोर गे रे” गीत पर ऐसा मनभावन नृत्य किया कि तालियों की गूंज से पूरा मैदान गूंज उठा। सेजेस साजा के छात्रों ने “सुआ लटकते हे तरी हरि न ना” पर सुंदर लोकनृत्य किया। नवोदय विद्यालय कुसमी ने “छेर-छेरा” पर छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा की झलक दी, वहीं खपरीधोभी (साजा) के बच्चों ने “छ.ग. महतारी सुख-दुख के चिन्हारी” गीत के माध्यम से मातृशक्ति को नमन किया। अलोन्स स्कूल की “साय रे ला” गीत पर आधुनिक छत्तीसगढ़ी फ्यूजन नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

निर्णायक मंडल ने बच्चों की नृत्यकला, अभिव्यक्ति, तालमेल और परिधान के आधार पर परिणाम घोषित किए, जिसमें प्रथम स्थान सेजेस इंग्लिश मीडियम राठी, द्वितीय स्थान अलोन्स स्कूल, और तृतीय स्थान सेजेस साजा को प्राप्त हुआ। शाम 5 बजे से 5:30 बजे तक पंडवानी गायिका द्वारा महाभारत के प्रसंगों पर आधारित पारंपरिक प्रस्तुति दी गई, जिसने दर्शकों को छत्तीसगढ़ की लोककथा की भावभूमि में ले गया। इसके पश्चात 5:30 से 5:45 तक नेताम नृत्य समूह ने करमा नृत्य की प्रस्तुति दी, जिसकी मधुर थाप और ऊर्जा ने पूरा मैदान तालियों से गूंजा दिया। शाम 5:45 बजे से 5:55 बजे तक अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं तिलक लगाकर पारंपरिक छत्तीसगढ़ी शैली में स्वागत किया गया। तत्पश्चात 5:55 से 6:00 बजे तक औपचारिक उद्बोधन हुआ, जिसमें जिले में आयोजित राज्योत्सव संबंधी गतिविधियों एवं प्रदर्शनी की जानकारी साझा की गई।

कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन में विभिन्न विभागों के चयनित हितग्राहियों को प्रशस्ति पत्र, चेक एवं ट्रॉफी प्रदान की गई। इस अवसर पर जिला पंचायत, कृषि विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के कुल 10 हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। कृषि विभाग की राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (दलहन योजना) के अंतर्गत किसानों को मसूर बीज मिनी किट भी वितरित की गई। शाम 6:15 बजे से मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ, जिसमें स्थानीय कलाकारों, लोकगायकों और नृत्य दलों ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति को मंच पर जीवंत कर दिया। “छत्तीसगढ़ महतारी” गीत की सामूहिक प्रस्तुति ने पूरे समारोह को भावनात्मक बना दिया और दर्शकों की आंखों में गर्व और उल्लास के भाव झलक उठे।

कार्यक्रम के समापन पर कलेक्टर रणबीर शर्मा ने सभी विभागों, प्रतिभागियों और नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्योत्सव केवल उत्सव नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, एकता और विकास की पहचान है। इस वर्ष बेमेतरा ने राज्योत्सव को ऐतिहासिक और जनभागीदारी वाला आयोजन बनाकर नई मिसाल पेश की है।

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