“आयुष स्वास्थ्य मेला” में उमड़ा जनसागर — परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों से जुड़ने की नई उम्मीद

राजनांदगांव :मोतीपुर वार्ड नंबर 03 स्थित ‘मंगल भवन’ प्रांगण आज स्वास्थ्य और जागरूकता के रंगों से सराबोर नजर आया, जहां जिला स्तरीय आयुष स्वास्थ्य मेला का भव्य आयोजन किया गया।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने — रजत जयंती वर्ष 2025-26 — के उपलक्ष्य में संचालालय आयुष विभाग, छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला आयुष अधिकारी राजनांदगांव के मार्गदर्शन में किया गया था।
कार्यक्रम का शुभारंभ महापौर मधुसूदन यादव ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा —
> *“आयुर्वेद और योग भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं। इनसे जुड़ना ही सच्चे अर्थों में स्वस्थ जीवन की ओर कदम है।”*
कार्यक्रम में नगर निगम सभापति पारस वर्मा, पार्षद शैकी बग्गा, सावन वर्मा, कमलेश बंधे और मनोहर यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मेले में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और योग चिकित्सा पद्धतियों के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने सैकड़ों नागरिकों की जांच की और उन्हें निःशुल्क औषधियां प्रदान कीं। सर्दी, खांसी, बुखार, चर्म रोग, पेट की परेशानी, महिलाओं एवं बच्चों से जुड़ी बीमारियों का भी नि:शुल्क उपचार किया गया।
रक्त परीक्षण, आयुर्वेदिक काढ़ा वितरण और व्यंजन प्रदर्शन स्टॉल मेले के प्रमुख आकर्षण बने रहे। बड़ी संख्या में आए नागरिकों ने पारंपरिक चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता को सराहा और कहा कि ऐसे आयोजन स्वास्थ्य जागरूकता को नई दिशा देते हैं।
इस अवसर पर डॉ. शिल्पा मिश्रा (आयुर्वेदिक अधिकारी) ने कहा
> *“आयुष चिकित्सा केवल उपचार नहीं, बल्कि जीवनशैली का दर्शन है। हम चाहते हैं कि लोग रोग होने के बाद नहीं, बल्कि पहले से ही स्वास्थ्य के प्रति सजग रहें। आज के इस मेले में नागरिकों का उत्साह देखकर लगता है कि आयुर्वेद और योग के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है।”*
पूरे कार्यक्रम का संचालन जिला आयुष अधिकारी राजनांदगांव की देखरेख में हुआ। पूरे दिन उत्साह, जनभागीदारी और सकारात्मक ऊर्जा से भरे इस आयोजन ने यह साबित किया कि
“सर्वे सन्तु निरामयाः” का भाव अब वास्तव में जन-जन तक पहुंच रहा है।
आयुष स्वास्थ्य मेला — स्वस्थ छत्तीसगढ़ की ओर एक सुंदर कदम!







