एंकर कंपनी के नकली इलेक्ट्रिक उत्पाद बेचने वाला सुंदरानी इलेक्ट्रिकल का संचालक गिरफ्तार

रायपुर :  राजधानी रायपुर के तेलीबांधा इलाके में नकली विद्युत उपकरण बेचने का मामला उजागर हुआ है। पुलिस ने सुंदरानी इलेक्ट्रिकल नामक दुकान से एंकर कंपनी के नकली इलेक्ट्रिक सामान बरामद किए हैं। इस मामले में दुकान संचालक ओमप्रकाश सुंदरानी (42 वर्ष) निवासी आनंद नगर, तेलीबांधा को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 63 कॉपीराइट एक्ट और धारा 349 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया है।

मामले की शुरुआत उस समय हुई जब पेनासोनिक लाइफ सॉल्यूशन इंडिया प्रा. लि. के मैनेजर और टीम लीडर ने पुलिस को लिखित शिकायत दी। शिकायत में कहा गया कि तेलीबांधा स्थित सुंदरानी इलेक्ट्रिकल में एंकर कंपनी के नाम पर नकली उत्पाद बेचे जा रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने कंपनी की टीम और हमराह स्टाफ को साथ लेकर दुकान पर दबिश दी।

बरामद हुआ नकली माल

जांच के दौरान जब कंपनी की टीम ने दुकान संचालक ओमप्रकाश सुंदरानी से एंकर कंपनी के इलेक्ट्रिक उत्पाद पेश करने को कहा, तो उसने दुकान में रखे कई सामान दिखाए। कंपनी के विशेषज्ञों ने जब उन सामग्रियों की जांच की तो वे नकली पाए गए। मौके पर ही गवाहों के समक्ष बरामदगी पंचनामा तैयार किया गया।

पुलिस ने दुकान से निम्नलिखित सामान जप्त किए:

थ्री पिन सॉकेट – 41 नग

रेग्युलेटर (फैन) – 30 नग

थ्री पिन टॉप – 25 नग

कुल अनुमानित कीमत – ₹12,000

आरोपी नहीं दिखा सका खरीद-बिक्री का दस्तावेज

पुलिस और कंपनी टीम ने जब दुकानदार ओमप्रकाश सुंदरानी से इन उत्पादों की खरीद-बिक्री से संबंधित दस्तावेज मांगे, तो वह कोई भी रसीद या बिल प्रस्तुत नहीं कर सका। इससे यह स्पष्ट हो गया कि उत्पाद अवैध और नकली हैं।

पुलिस ने दर्ज किया अपराध

मामले में आरोपी दुकानदार के खिलाफ अपराध क्रमांक 544/25 दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि धारा 63 कॉपीराइट एक्ट और धारा 349 बीएनएस के तहत यह अपराध गंभीर श्रेणी में आता है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और संभावना है कि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक भी पुलिस जल्द पहुंचेगी।

बढ़ता नकली उत्पादों का खतरा

विद्युत उपकरणों के नकली उत्पाद बेचना केवल धोखाधड़ी ही नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। नकली रेग्युलेटर, सॉकेट और स्विच से शॉर्ट सर्किट, आगजनी और बिजली के झटके जैसी घटनाएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सस्ते और नकली उपकरण बाजार में आसानी से मिल जाते हैं, जिनका इस्तेमाल जानलेवा साबित हो सकता है।

उपभोक्ताओं को चेतावनी

इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि उपभोक्ताओं को सामान खरीदते समय बिल और प्रमाणित कंपनी का टैग जरूर जांचना चाहिए। पुलिस और कंपनी दोनों ने ही नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी ऐसे नकली उत्पाद बिकते दिखें तो तुरंत शिकायत करें, ताकि ऐसे मामलों पर रोक लगाई जा सके।

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