स्कंद षष्ठी पर इस तरह करें कार्तिकेय जी की पूजा, कष्टों का होगा निवारण

नई दिल्ली : दक्षिण भारत में हर माह में आने वाली स्कंद षष्ठी का पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। भगवान स्कंद अर्थात कार्तिकेय जी को मुरुगन और सुब्रहमन्य आदि नाम से भी जाना जाता है।
ऐसा माना जाता है कि जो साधक स्कंद षष्ठी पर भगवान कार्तिकेय की विधिवत रूप से पूजा-अर्चना करता है, उसके जीवन में आ रही बड़ी-से-बड़ी बाधा दूर हो सकती है। तमिल हिंदुओं में स्कंद षष्ठी का पर्व बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। ऐसे में चलिए पढ़ते हैं स्कंद षष्ठी के मौके पर भगवान कार्तिकेय जी की पूजा विधि व आरती।
पूजा मे कार्तिकेय जी को फूल, चंदन, धूप, दीप और नैवेद्य आदि अर्पित करें। भगवान कार्तिकेय को फल, मिठाई का भोग लगाएं और मोर पंख अर्पित करें। अंत में स्कंद भगवान की आरती क करें और सभी लोगों में प्रसाद बांटें।
कार्तिकेय भगवान की आरतीजय जय आरती वेणु गोपाला
वेणु गोपाला वेणु लोला
पाप विदुरा नवनीत चोरा
जय जय आरती वेंकटरमणा
वेंकटरमणा संकटहरणा
सीता राम राधे श्याम
जय जय आरती गौरी मनोहर
गौरी मनोहर भवानी शंकर
सदाशिव उमा महेश्वर
जय जय आरती राज राजेश्वरि
राज राजेश्वरि त्रिपुरसुन्दरि
महा सरस्वती महा लक्ष्मी
महा काली महा लक्ष्मी
जय जय आरती आन्जनेय
आन्जनेय हनुमन्ता
जय जय आरति दत्तात्रेय
दत्तात्रेय त्रिमुर्ति अवतार
जय जय आरती सिद्धि विनायक
सिद्धि विनायक श्री गणेश
जय जय आरती सुब्रह्मण्य
सुब्रह्मण्य कार्तिकेय







