दंतेवाड़ा में भाजपा ने काला दिवस के रूप में मनायी आपातकाल की 50 वीं बरसी

दंतेवाड़ा : भाजपा ने कांग्रेस द्वारा देश में लगाये गये आपातकाल की 50 वीं बरसी को कालादिवस के रूप में मनाया।जिला ग्रंथालय दंतेवाड़ा में आपातकाल कालादिवस पर गुरुवार दोपहर 12 बजे संगोष्ठी का आयोजन किया गया,जिसमें कार्यकम के मुख्य वक्ता बस्तर सांसद महेश कश्यप,विशिष्ठ अतिथि विधायक चैतराम अटामी,भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष गुप्ता एवं भाजपा पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता शामिल हुये।दंतेवाड़ा आगमन पर बस्तर सांसद महेश कश्यप का भाजपा पदाधिकारी,जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ताओं ने आत्मीय स्वागत किया।बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि आपातकाल भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का कलंक है, जिसे कांग्रेस के अत्याचारी शासन में देश व देशवासियों ने भोगा है।आपातकाल के संबंध में आज हिन्दुस्तान के प्रत्येक युवा व नागरिकों को जानना चाहिये।
आपातकाल कालादिवस संगोष्ठी को संबोधित करते हुये सांसद बस्तर महेश कश्यप ने कहा कि कांग्रेस की तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने 25 जून 1975 को अपनी सत्ता बचाने के लिये समूचे देश को आपातकाल की कैद में डाल दिया था। लगातार 19 महीने चले आपातकाल में नागरिकों को बोलने की स्वतंत्रता नहीं थी, समाचारपत्रों में निष्पक्ष लिखने की स्पष्ट मनाही थी, लाखों लोगों को रातोंरात जेलों में बंद कर दिया गया था। जिसने भी सरकार के विरुद्ध आवाज उठायी, उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाता था।उस कठिन समय की कल्पना तक हम नहीं कर सकते कि देश के एक-एक नागरिक के मौलिक अधिकार तक कांग्रेस ने छीन लिये थे। आज उसी कांग्रेस के नुमाइंदे देश के लोकतंत्र को बचाने की दुहाई देकर ओछी राजनीति करने से बाज नही आ रहे।विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि कांग्रेस के आपातकाल के कलंक को भारतीय जनता पार्टी कालादिवस कहती है।कांग्रेस की दमनकारी नीतियों,सत्ता पिपाशा व तानाशाही मानसिकता ने 25 जून 1975 को आपातकाल लगाकर भारतीय लोकतंत्र के ऊपर कभी ना मिटने वाला धब्बा लगाया था।
रातों रात लाखों निरअपराध लोगों को जेलों में ठूँस दिया,प्रेस की आज़ादी पर ताला लगा दिया,लोगों की अभिव्यक्ति की आज़ादी छीन ली। देशहित से ऊपर एक परिवार एक व्यक्ति के अहंकार को रखा गया।आपातकाल के विरुद्ध लाखों लोगों ने आंदोलन किया था। देशभर में युवाओं, पत्रकारों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तारियां देनी पड़ी थीं।श्री अटामी ने कहा की देश आपातकाल के विरुद्ध आवाज़ उठाने वाले और यातनाएँ सह कर कांग्रेस की दमनकारी नीतियों का मुखर विरोध करने वाले लोकतंत्र के सभी प्रहरियों के प्रति अपनी कृतज्ञता समर्पित करता है।आपातकाल के विरुद्ध उठी हर आवाज़ को मैं नमन करता हूँ।देश व समग्र देशवासियों को कांग्रेस की ऐसी काली और जघन्य करतूत की जानकारी होनी चाहिये।







