BCCI ने पहले ही दे दी थी Virat Kohli को चेतावनी, सामने आई अचानक संन्यास की अनसुनी कहानी

हालांकि, विराट कोहली (Virat Kohli) के संन्यास के ऐलान से पहले यह उम्मीद थी कि बीसीसीआई कोहली को 20 जून से शुरू हो रही इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैच की सीरीज के लिए मना सकता है। मगर अब बीसीसीआई ने विराट कोहली को नई चेतावनी दे दी है।
बीसीसीआई ने अपनाया कड़ा रूख
विराट कोहली (Virat Kohli) काफी लंबे समय से टेस्ट प्रारूप में एक-एक रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई पिछली दो टेस्ट सीरीज में कोहली ने काफी खराब प्रदर्शन किया था, जिसके बाद इंग्लैंड दौरे पर उनकी जगह टीम में नहीं बन रही थी।
दैनिक जागरण की एक रिपोर्ट के अनुसार बीसीसीआई ने कोहली को संन्यास से रोकने की बजाय उन्हें यह बता दिया था कि उनके खराब फॉर्म के चलते इंग्लैंड दौरे पर उनकी जगह टीम में नहीं बन रही है। वहीं, दैनिक जागरण को एक सूत्र ने बताया कि बीसीसीआई किसी भी खिलाड़ी से खेलने का अनुरोध नहीं करता है बल्कि यह फैसला खिलाड़ी का निजी होता है। इसमें बीसीसीआई किसी भी तरह का कोई हस्तक्षेप नहीं करता है।
दोबारा कप्तान बनने वाले थे कोहली!
बुधवार 7 मई को भारत के टेस्ट कप्तान रोहित शर्मा ने इंस्टाग्राम के जरिए अपने रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया था, लेकिन अब सामने आया है कि रोहित के बाद इंग्लैंड दौरे पर बीसीसीआई विराट कोहली (Virat Kohli) को कप्तान बनाने पर विचार कर रही थी। बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा कि चयनकर्ताओं ने इंग्लैंड दौरे के लिए विराट कोहली को कप्तान बनाने पर विचार कर रही थी ताकि गिल को कमान संभालने की भूमिका में थोड़ा समय मिल जाए।
वह अभी सिर्फ 25 साल के हैं और वह अपने पीक फॉर्मे में भी नहीं हैं। वहीं, सूत्र ने यह भी बताया कि जसप्रीत बुमराह की फिटनेस के कारणों के चलते गिल अजीत अगरकर की अगुवाई वाली चयन समिति की पहली पसंद हैं।
Virat Kohli का फॉर्म नहीं दे रहा साथ
भारत के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) का फॉर्म लाल गेंद से चिंता का विषय बना हुआ था। बीते 5 साल से कोहली ने इस फॉर्मेट में 30 से भी कम की औसत से रन बनाए थे। विराट कोहली ने भारत के लिए 2020 से 2024-25 तक कुल 69 पारियां खेलीं थी, जिसमें उन्होंने सिर्फ 3 शतक और 9 अर्धशतक बनाए थे। ऑस्ट्रेलिया में कोहली ने पांच मैचों में 190 रन का योगदान दिया था। जबकि न्यूजीलैंड के खिलाफ वह 15.50 की मामूली औसत से 93 रन ही बना सके थे।







