फसल बचाएं या जान? सोनहत में हाथियों की मौजूदगी से किसानों की बढ़ी चिंता

बैकुंठपुर :  छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में हाथियों की मौजूदगी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सोनहत वन परिक्षेत्र के लोलकी, कटगोला और जोगिया गांवों में हाथियों के दल ने खेतों में पहुंचकर धान की खड़ी फसल को नुकसान पहुंचाया है। दो शावकों समेत छह हाथियों का दल पिछले कई दिनों से इलाके में विचरण कर रहा है। फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है, वहीं ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।

तीन गांवों में धान की फसल को नुकसान

धान की फसल तैयार होने के समय हाथियों के खेतों तक पहुंचने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। लोलकी, कटगोला और जोगिया गांवों में हाथियों ने खेतों में घुसकर खड़ी फसलों को रौंद दिया। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि हाथियों का दल लगातार खेतों की ओर आता रहा, तो फसल को और नुकसान हो सकता है।

हाथियों की मौजूदगी के कारण रात में खेतों की रखवाली करना भी ग्रामीणों के लिए जोखिम भरा हो गया है। किसान अब फसल के नुकसान का आकलन और राहत मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

DFO के निर्देश पर वन विभाग अलर्ट

स्थिति को देखते हुए कोरिया वनमंडलाधिकारी (DFO) के निर्देश पर वन विभाग का मैदानी अमला सतर्क है। सोनहत वन परिक्षेत्र अधिकारी के मार्गदर्शन में वनकर्मियों और क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को प्रभावित इलाकों में निगरानी के लिए सक्रिय किया गया है।

टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रही है और उनके विचरण मार्ग की जानकारी जुटा रही है। ग्रामीणों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, ताकि हाथियों के आमने-सामने आने से किसी तरह की अप्रिय घटना न हो।

ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह

वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को हाथियों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, रात में अकेले बाहर नहीं निकलने और हाथियों के नजदीक जाकर फोटो या वीडियो नहीं बनाने की समझाइश दी जा रही है। हाथियों को घेरने, उकसाने या उनके रास्ते में आने से बचने की भी जरूरत है।

वन अमले की निगरानी का उद्देश्य हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित नुकसान को रोकना है।

फसल क्षति का सर्वे और मुआवजे की मांग

फसलों को नुकसान पहुंचने के बाद प्रभावित किसानों ने वन विभाग और जिला प्रशासन से जल्द राहत दिलाने की मांग की है। ग्रामीण चाहते हैं कि प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर नुकसान का आकलन किया जाए और पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।

अब किसानों को फसल क्षति के सर्वे और मुआवजे का इंतजार है। वहीं, हाथियों की लगातार मौजूदगी को देखते हुए प्रभावित गांवों में निगरानी और सुरक्षा संबंधी जागरूकता बनाए रखना जरूरी है।

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