प्रदोष व्रत पर कर लें ये 3 खास उपाय, शिव-पार्वती की कृपा से बनेंगे विवाह के योग

कई बार रिश्ते की बात बनते-बनते अचानक रुक जाती है या विवाह के लिए उचित रिश्ता मिलने में लगातार देरी होती रहती है। ऐसी परिस्थितियों के लिए कुछ पूजा-पाठ और ग्रहों से जुड़े उपाय बताए गए हैं। भगवान शिव को समर्पित प्रदोष व्रत को भी विवाह संबंधी मनोकामनाओं के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन कुछ विशेष उपाय करने से विवाह के रास्ते में आ रही बाधाएं दूर हो सकती है।

अक्टूबर 2026 में कब है गुरु प्रदोष?

प्रदोष व्रत हर महीने कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन व्रती प्रदोष काल में शिव जी की पूजा करते हैं। वैदिक पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 7 अक्टूबर की रात 11 बजकर 16 मिनट से शुरू होकर 8 अक्टूबर की रात 10 बजकर 15 मिनट तक रहेगी। प्रदोष काल 8 अक्टूबर को पड़ने के कारण इसी दिन व्रत रखा जाएगा। गुरुवार होने से इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा।

प्रदोष व्रत के ये उपाय दूर करेंगे विवाह की अड़चनें

  1. सिंदूर का करें तिलक: अगर विवाह में बार-बार रुकावट आ रही है तो प्रदोष व्रत के दिन स्नान करके लाल वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। मां पार्वती को सिंदूर अर्पित करने के बाद उसी सिंदूर को अपने माथे पर लगाकर शीघ्र विवाह की प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस उपाय से विवाह में आने वाली बाधाएं दूर हो सकती हैं।
  2. काले तिल से अभिषेक: अगर शादी में देरी का कारण कुंडली में ग्रहों का अशुभ प्रभाव माना जा रहा हो तो प्रदोष के दिन गंगाजल में काले तिल मिलाकर शिवलिंग का अभिषेक करें। इसके अलावा भगवान शिव का कच्चे दूध से अभिषेक कर मनोकामना की प्रार्थना करें। मान्यता है कि इससे ग्रहों के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और कुंडली में चंद्र ग्रह को मजबूती मिलती है।
  3. शुक्र के लिए खास उपाय: कुंडली में शुक्र ग्रह की कमजोरी को भी विवाह में देरी से जोड़कर देखा जाता है। ऐसी स्थिति में प्रदोष व्रत के दिन स्नान और दान करने के बाद जल में शहद और सुगंध मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। धार्मिक मान्यता है कि इस उपाय से शुक्र ग्रह मजबूत होता है और विवाह से जुड़ी अड़चनें धीरे-धीरे कम हो सकती हैं।

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