बिलासपुर एयरपोर्ट पर हाईकोर्ट का रुख साफ, AAI से स्पष्ट जवाब तलब; अगली सुनवाई 13 अक्टूबर

बिलासपुर : बिलासपुर में हवाई सुविधा के विस्तार से जुड़ी दो जनहित याचिकाओं पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा और जस्टिस संतोष शर्मा की खंडपीठ ने पहली बार इन मामलों की सुनवाई की। प्रकरण को समझने के बाद अदालत ने एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) से पिछली सुनवाई के निर्देशों के अनुरूप स्पष्ट शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है।
मामले की अगली सुनवाई अब 13 अक्टूबर को होगी।
हाईकोर्ट को बताया- बिलासपुर के लिए एयरपोर्ट क्यों जरूरी
सुनवाई की शुरुआत में याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव श्रीवास्तव और अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने खंडपीठ को मामले की पृष्ठभूमि से अवगत कराया।
उन्होंने बिलासपुर के महत्व, छत्तीसगढ़ में शहर की भूमिका और क्षेत्र में बेहतर हवाई सुविधा की आवश्यकता के बारे में जानकारी दी। अधिवक्ताओं ने यह भी बताया कि बिलासपुर एयरपोर्ट से जुड़ी जनहित याचिकाओं की हाईकोर्ट लंबे समय से सुनवाई और मॉनिटरिंग करता रहा है।
चूंकि चीफ जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा ने हाल ही में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश का पद संभाला है और जस्टिस संतोष शर्मा ने भी हाल में कार्यभार ग्रहण किया है, इसलिए दोनों न्यायाधीशों को मामले की पिछली कार्यवाही और पहले जारी किए गए आदेशों की जानकारी दी गई।
AAI से पूछा- नया शपथ पत्र दाखिल हुआ या नहीं?
प्रकरण की स्थिति समझने के बाद चीफ जस्टिस ने AAI के अधिवक्ता से पिछली सुनवाई के निर्देशों के पालन को लेकर सवाल किया।
अदालत ने पूछा कि क्या निर्देश के मुताबिक नया शपथ पत्र दाखिल किया जा चुका है। साथ ही कोर्ट ने स्पष्ट किया कि शपथ पत्र में स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होनी चाहिए और इसे ऐसे अधिकारी की ओर से दाखिल किया जाना चाहिए, जो निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल हो।
राज्य सरकार भी दाखिल कर रही शपथ पत्र
बिलासपुर एयरपोर्ट के ऑपरेशन, प्रबंधन और विकास की जिम्मेदारी लेने के राज्य सरकार के प्रस्ताव को लेकर AAI की ओर से अब तक स्पष्ट रुख सामने नहीं आने की बात मामले में रखी गई।
राज्य सरकार की ओर से उपस्थित अतिरिक्त महाधिवक्ता शशांक ठाकुर ने भी अदालत को बताया कि पिछली सुनवाई में दिए गए निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार की ओर से भी शपथ पत्र दाखिल किया जा रहा है।
अब मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। इस सुनवाई में AAI और राज्य सरकार की ओर से दाखिल किए जाने वाले शपथ पत्र महत्वपूर्ण रहेंगे







