भूख लगने पर क्यों आती है पेट से गुड़गुड़ की आवाज, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट ने बताई ये हो सकती है वजह

अक्सर आपने महसूस किया होगा कि जब पेट खाली होता है या तेज भूख लगती है तो पेट से गुड़गुड़ की आवाज आने लगती है। पेट से ऐसी आवाजें आना पाचन क्रिया का एक सामान्य हिस्सा है और ऐसा सिर्फ भूख लगने पर नहीं बल्कि कभी भी हो सकता है। मेडिकल भाषा में इसे बोरबोरीग्मी कहा जाता है और ये आवाजें पेट और आंतों में गैस, तरल पदार्थ और पाचन सामग्री की गति के कारण पैदा होती हैं।

गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉक्टर निर्देश चौहान (कंसल्टेंट, फोर्टिस एस्कॉर्ट्स अस्पताल, फरीदाबाद) ने बताया कि पाचन क्रिया के अलग अलग स्टेज होते हैं जिसमें कभी भी पेट से आवाजें आ सकती हैं। हालांकि आमतौर पर इसका कोई नुकसान नहीं होता है, लेकिन पेट से लगातार आने वाली ये आवाजें और साथ में पाचन संबंधी अन्य लक्षण होने पर डॉक्टर को दिखा लेना चाहिए।

पेट से गुड़गुड़ की आवाज क्यों आती है?

पाचन तंत्र के भीतर कई प्रक्रियाएं पेट में होने वाली जानी-पहचानी गड़गड़ाहट की आवाज पैदा कर सकती हैं। इसके कछु अहम कारण हैं जिन्हें डॉक्टर ने बताया।

आंत की आंतरिक सफाई- पेट खाली होने के लगभग 90 से 120 मिनट बाद, पाचन तंत्र माइग्रेटिंग मोटर कॉम्प्लेक्स (एमएमसी) को एक्टिव कर सकता है। इस समय होने वाला कॉन्ट्रैक्शन पाचन तंत्र में बचे हुए खाने के कणों, बैक्टीरिया और डेड सेल्स को आगे बढ़ाने में मदद करती है। पेट में भोजन की मात्रा कम होने पर, हवा और लिक्विड की वजह से भी आवाज आने लगती है। जिससे भूख से जुड़ी गड़गड़ाहट साफ सुनाई देती है।

पाचन क्रिया भी है कारण- खाने के बाद भी पेट से आने वाली आवाजें बंद नहीं होतीं तो इसका कारण मांसपेशियों के संकुचन, जिन्हें पेरिस्टालसिस कहा जाता है। लगातार खाने को मिलाते और पाचन तंत्र में आगे बढ़ाते रहते हैं। जब भारी खाना, डाइजेस्टिव फूड और एयर आंतों से होकर गुजरते हैं, तो वे गुड़गुड़ाहट और गड़गड़ाहट जैसी आवाज़ें पैदा कर सकते हैं। इसलिए, खाने के बाद इन आवाज़ों का सुनाई देना ज़रूरी नहीं कि चिंता का कारण हो।

निगली हुई हवा और गैस भी आवाज करती है- दिनभर में निगली गई हवा की मात्रा भी पेट की आवाज़ों को प्रभावित कर सकती है। जल्दी-जल्दी खाना, च्युइंग गम चबाना या स्ट्रॉ से पीना, इंसान को ज्यादा हवा निगलने का कारण बन सकता है। वहीं, आंतों में मौजूद बैक्टीरिया कार्बोहाइड्रेट के नेचुरल फर्मेंटेशन से भी गैस बनती है। जब ये गैस के बुलबुले आंतों से होकर गुजरते हैं, तो वे पेट की सुनाई देने वाली आवाजें तेज हो सकती हैं।

तनाव से आंतों का फंक्शन बिगड़ सकता है- पाचन तंत्र और दिमाग एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। इसे गट-ब्रेन एक्सिस कहा जाता है। डॉक्टर चौहान के अनुसार, तनाव और चिंता होने पर आंतों की गतिविधि बढ़ सकती है, जिससे पाचन की प्रक्रिया तेज हो जाती है। इसके कारण पेट में होने वाली गुड़गुड़ाहट या दूसरी आवाजें ज्यादा सुनाई देने लगती हैं।

डॉक्टर से कब संपर्क करें- ज्यादातर मामलों में पेट से आवाज आना सामान्य पाचन प्रक्रिया का हिस्सा होता है। लेकिन अगर पेट में लगातार गुड़गुड़ाहट हो रही है और इसके साथ तेज पेट दर्द, लगातार पेट फूलना, जी मिचलाना या मल त्याग की आदत में बदलाव जैसे लक्षण भी हैं, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। कभी-कभी ये लक्षण पाचन तंत्र से जुड़ी किसी समस्या का संकेत हो सकते हैं, जैसे शरीर में पोषक तत्वों का ठीक से अवशोषण न होना या आंतों की गति में गड़बड़ी।

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