छत्तीसगढ़ में बदलेगा स्कूलों का टाइमटेबल और शैक्षणिक कैलेंडर, 1 अप्रैल से नए सत्र की शुरुआत

रायपुर :  शिक्षा विभाग की प्रेस वार्ता में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव और विभागीय सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने विभाग की ओर से किए जा रहे सुधारों और आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए अभियान के तौर पर युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पूरी की गई है।

विभाग के मुताबिक युक्तियुक्तकरण के जरिए 453 विभिन्न विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को पूरा किया गया है। अधिकारियों ने कहा कि स्कूलों के एकीकरण के जरिए उपलब्ध संसाधनों का बेहतर सदुपयोग किया गया है। इस प्रक्रिया में स्कूलों की संख्या कम करने के बजाय उनका समायोजन किया गया है।

शिक्षकों की पदोन्नति में पारदर्शिता

प्रेस वार्ता में मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि शिक्षक संवर्गों की पदोन्नति की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है। वहीं, स्पेशल एजुकेटर के पदों पर भी भर्ती की गई है। विभाग ने बताया कि प्रदेश में 5000 शिक्षकों की भर्ती चरणबद्ध तरीके से की जा रही है। नियमित भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से की जाएंगी, जबकि संविदा पदों पर भर्ती के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया में मेरिट को आधार बनाया जाएगा।

कंप्यूटर आधारित परीक्षा पर जोर

संविदा भर्तियों के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) का प्रावधान किया गया है। विभाग का कहना है कि इससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में मदद मिलेगी।

1 अप्रैल से शुरू होगा नया शिक्षण सत्र

शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। अब प्रदेश के सभी स्कूलों के संचालन के लिए एक समान शैक्षणिक समय-सारिणी तैयार की जाएगी। विभाग के अनुसार नए शिक्षण सत्र की शुरुआत 1 अप्रैल से होगी। इससे पहले प्रदेश में नया शैक्षणिक सत्र सामान्य तौर पर 15 जून से शुरू होता था। नई व्यवस्था का उद्देश्य शैक्षणिक गतिविधियों को अधिक व्यवस्थित करना और पूरे प्रदेश में स्कूल संचालन में एकरूपता लाना है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button