IGKV पेपर लीक मामला: कृषि मंत्री नेताम ने दिखाई सख्ती, तत्काल FIR और जांच के दिए निर्देश

रायपुर : इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में B.Sc. द्वितीय वर्ष की एंटोमोलॉजी विषय की परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना को कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गंभीरता से लिया है। मामले की जानकारी मिलते ही मंत्री ने विश्वविद्यालय प्रशासन को तत्काल जांच समिति गठित करने और दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। मंत्री के निर्देश पर मामले में FIR दर्ज कर दी गई है।

IGKV पेपर लीक मामले में इन धाराओं के तहत अपराध दर्ज
विश्वविद्यालय प्रबंधन की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ तेलीबांधा थाने में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने छत्तीसगढ़ सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम की धारा 4, 5 और 10 तथा BNS की धारा 316 के तहत अपराध दर्ज किया है। इसके साथ ही पुलिस मामले की जांच शुरू कर दी है।

कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और विद्यार्थियों के भविष्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। प्रश्नपत्र लीक जैसी घटना बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी एवं नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

परीक्षा शुरू होने से पहले मिली पेपर लीक की सूचना

जानकारी के अनुसार, बीएससी द्वितीय वर्ष की Pest Management in Crops and Stored Grains-I (AENT 221) (एंटोमोलॉजी) विषय की गुरुवार को आयोजित होने वाली परीक्षा के प्रश्नपत्र के लीक होने की सूचना विश्वविद्यालय प्रशासन को परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले मिली। सुबह 8:50 बजे कवर्धा से प्रश्नपत्र लीक होने की सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 10:30 बजे परीक्षा निरस्त करने का निर्णय लिया।

5 सदस्यीय जांच समिति गठित

मामले की जांच के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने 5 सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति पूरे घटनाक्रम की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

जल्द होगी नई परीक्षा

कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरस्त परीक्षा की आगामी तिथि जल्द निर्धारित की जाएगी और परीक्षार्थियों को इसकी सूचना समय पर दी जाएगी।

उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय के प्रश्नपत्रों की सेटिंग एवं छपाई विश्वविद्यालय स्तर पर की जाती है तथा प्रश्नपत्र संबंधित महाविद्यालयों को भेजे जाते हैं। ऐसे में प्रश्नपत्र लीक होने की घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

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