मंगला गौरी व्रत में क्या खाएं? कुट्टू-साबूदाने से लेकर फलों तक जानें पूरा फलाहार और जरूरी सावधानियां

सावन महीने में जितने भी मंगलवार पड़ते हैं उन सभी को मंगला गौरी व्रत करने का विधान है। इस व्रत में माता गौरी अर्थात् पार्वती जी की पूजा की जाती है, जिसके कारण इस व्रत को मंगला गौरी व्रत कहते हैं। मंगला गौरी व्रत को मोराकत व्रत के नाम से भी जाना जाता है। पुराणों के अनुसार, भगवान शिव और माता पार्वती को श्रावण का महीना अति प्रिय है। इसीलिए श्रावण मास के सोमवार को शिव जी और मंगलवार को माता गौरी की पूजा को शास्त्रों में बहुत ही शुभ व मंगलकारी बताया गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगला गौरी का व्रत करने से वैवाहिक जीवन सदैव सुखी रहता है और दांपत्य जीवन में खुशहाली आती है। मंगला गौरी का व्रत करने से अखंड सौभाग्यवती का भी आशीर्वाद मिलता है। 18 अगस्त 2026 को तीसरा मंगला गौरी का व्रत रखा जाएगा। तो आइए जानते हैं कि इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं।

मंगला गौरी व्रत के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं?

  1. अगर आपने मंगला गौरी का व्रत रखा है तो इस दिन क्रोध न करें और न ही किसी से वाद-विवाद करें। वरना आपका व्रत खंडित हो सकता है।
  2. मंगला गौरी व्रत के दिन बड़े-बुजुर्गों का अपमान न करें वरना आपको व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलेगा।
  3. मंगला गौरी व्रत के दिन किसी को भी अपशब्द भी न बोलें।
  4. इस दिन काले, गहरे नीले या स्लेटी रंग के कपड़े पहनने से बचें, क्योंकि ये रंग पूजा-पाठ में अशुभ माने जाते हैं।
  5. सुहागिन महिलाएं पूजा के समय पूरा श्रृंगार करें, बिना सिंदूर और बिंदी के पूजा में न बैठें।

मंगला गौरी व्रत के दिन न खाएं ये चीजें

  1. मंगला गौरी व्रत के दिन गेहूं और चावल का सेवन न करें।
  2. मंगला गौरी व्रत के दिन तामसिक चीजों से दूर रहें।
  3. मंगला गौरी व्रत के दिन खाने में सफेद नमक का इस्तेमाल न करें।
  4. व्रत के फलाहार में हल्दी और सरसों के तेल का इस्तेमाल करने से बचें। इसके बजाय देसी घी या मूंगफली के तेल का प्रयोग करें।
  5. मंगला गौरी व्रत के दिन घर में प्याज और लहसुन का उपयोग न करें।

मंगला गौरी व्रत के दिन क्या खाना चाहिए?

  1. मंगला गौरी व्रत के दिन सात्विक आहार ही ग्रहण करें।
  2. मंगला गौरी व्रत में कुट्टू या सिंघाड़े की पूड़ी या पराठा बनाकर खा सकते हैं। इसके साथ ही आलू, लौकी और कद्दू का सेवन भी कर सकते हैं।
  3. व्रत का फलाहार बनाने के लिए सेंधा नमक का इस्तेमाल कर सकते हैं।
  4. मंगला गौरी व्रत के दिन साबूदाने की खिचड़ी या फिर खीर का भी सेवन कर सकते हैं।
  5. मंगला गौरी व्रत के दिन सेब, केला और पपीता समेत अन्य मौसमी फलों का सेवन कर सकते हैं।

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