OnePlus, Oppo और Realme के मोबाइल फोन बनाएगी भारतीय कंपनी, पहले साल होगी 80 लाख स्मार्टफोन की मैन्यूफैक्चरिंग

इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग सर्विस कंपनी अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया चीन की स्मार्टफोन ब्रांड ओप्पो, वनप्लस और रियलमी के लिए भारत में मोबाइल फोन की मैन्यूफैक्चरिंग शुरू करने की तैयारी में है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ जसबीर सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही में ट्रायल प्रोडक्शन शुरू होने की उम्मीद है, जबकि वित्त वर्ष 2027-28 की पहली तिमाही में कमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा।

पहले साल 80 लाख स्मार्टफोन बनाने के लक्ष्य के साथ काम करेगी कंपनी
अंबर एंटरप्राइजेज पहले साल में करीब 80 लाख स्मार्टफोन बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके बाद उत्पादन क्षमता को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर दूसरे साल में करीब 1.5 से 1.6 करोड़ यूनिट तक पहुंचाने की प्लानिंग है। जसबीर सिंह ने कहा कि मोबाइल फोन बिजनेस के लिए कंपनी ने एक चीफ ऑपरेशनल ऑफिसर (COO) की नियुक्ति भी की है। उन्होंने कहा कि ओप्पो मोबाइल्स इंडिया के साथ हुआ मैन्यूफैक्चरिंग को-ऑपरेशन एग्रीमेंट तीनों ब्रांड ओप्पो, वनप्लस और रियलमी के लिए है।

लोकल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं कंपनियां

ये कदम भारत में चीनी स्मार्टफोन ब्रांड के ‘एसेट-लाइट’ मॉडल की ओर बढ़ने का संकेत माना जा रहा है। इसका मतलब है कि कंपनियां अपनी डायरेक्ट मैन्यूफैक्चरिंग हिस्सेदारी कम करते हुए उत्पादन के लिए लोकल इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यूफैक्चरिंग कंपनियों पर ज्यादा निर्भर हो रही हैं।

CCL की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से कंपनी के मार्जिन पर पड़ा दबाव

वहीं, अंबर के पीसीबी बिजनेस में कॉपर-क्लैड लैमिनेट (CCL) की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से मार्जिन पर दबाव पड़ा है। कंपनी का कहना है कि वे बढ़ी हुई लागत का बोझ ग्राहकों पर डाल रही हैं। हालांकि, इसका असर कुछ अंतराल के साथ दिखाई देता है। जसबीर सिंह के अनुसार, एआई और डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के कारण सीसीएल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती हैं तथा बाजार में इसकी कमी भी बनी हुई है।

अपना सीसीएल प्लांट लगाएगी अंबर एंटरप्राइजेज

अंबर ने 2029-30 तक अपना सीसीएल प्लांट लगाने करने की योजना बनाई है। काउंटरपॉइंट रिसर्च के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में भारत के स्मार्टफोन मार्केट में विवो की हिस्सेदारी 17.8 प्रतिशत, सैमसंग की 17.6 प्रतिशत और ओप्पो की 13.6 प्रतिशत थी। विवो और ओप्पो ग्रुप के ब्रांड- जिसमें आईक्यूओओ, रियलमी और वनप्लस भी शामिल हैं, की संयुक्त हिस्सेदारी 45.6 प्रतिशत रही।

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