टेकारी में असामाजिक तत्वों के दो गुट भिड़े, चाकू-तलवार चली; दो घायल, गोढ़ी के पांच गिरफ्तार

आरंग : मंदिर हसौद थाना क्षेत्र के ग्राम टेकारी में रविवार-सोमवार की दरमियानी रात असामाजिक तत्वों के दो गुटों के बीच विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। इस दौरान चाकू और तलवार से किए गए हमले में टेकारी निवासी दो पुलिस रिकॉर्डधारी युवक अंगेश्वर उर्फ प्रेम और योगेश साहू गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोढ़ी निवासी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को 25 अगस्त तक न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में गोढ़ी निवासी 19 वर्षीय विवेक उर्फ राउडी, पिता देवनारायण वर्मा, 20 वर्षीय राजा, पिता पवन साहू, 20 वर्षीय विक्रम उर्फ भौंकलू, पिता तेजराम यादव, 19 वर्षीय प्रशांत, पिता सुरेश प्रजापति तथा 22 वर्षीय ओमप्रकाश, पिता दुकालू पाल शामिल हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 109, 191(1)(2)(3) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 के तहत कार्रवाई की गई है।
शनि मंदिर के पास हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार 9-10 अगस्त की दरमियानी रात करीब 11 बजे टेकारी से कठिया जाने वाले मार्ग के किनारे स्थित शनि मंदिर के पास अंगेश्वर उर्फ प्रेम और योगेश अपने साथियों के साथ बैठे थे। इसी दौरान कथित चुनौती को स्वीकार करने की बात कहते हुए गोढ़ी का गुट मोटरसाइकिल से वहां पहुंचा। दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज और धक्का-मुक्की के बाद अचानक चाकू और तलवार से हमला कर दिया गया। हमले में अंगेश्वर और योगेश घायल हो गए, जबकि उनके अन्य साथी मौके से भाग निकले।
घटना की सूचना मिलते ही मंदिर हसौद थाना पुलिस सक्रिय हुई और रात से ही आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दी। पुलिस ने दूसरे दिन कशियाही तालाब क्षेत्र से एक मोटरसाइकिल के साथ तलवार और चाकू भी जब्त किया।
घटना से पहले भी हुआ था विवाद
ग्रामीणों के अनुसार घटना वाले दिन रविवार दोपहर बंधवा तालाब पार क्षेत्र में महिलाओं की मौजूदगी के बीच गाली-गलौज करने की शिकायत पर घायल अंगेश्वर उर्फ प्रेम और एक अन्य पुलिस रिकॉर्डधारी मिथिलेश उर्फ सड्डे को ग्रामीणों ने वहां से भगा दिया था। इसके बाद दोपहर में ग्राम के स्वागत द्वार के पास इनके साथ ग्राम तथा बाहर के कुछ असामाजिक तत्वों के एकत्र होने की सूचना मिली थी।
सूचना पर थाना प्रभारी आशीष यादव द्वारा पुलिस बल भेजा गया, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले अधिकांश लोग वहां से भाग निकले। पुलिस की पकड़ में आए तीन लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई कर उन्हें कार्यपालन दंडाधिकारी, मंदिर हसौद के न्यायालय में पेश किया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर शांति व्यवस्था बनाए रखने की हिदायत देकर उन्हें एक दिन बाद ही रिहा कर दिया गया।
ग्रामीणों में आक्रोश
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि असामाजिक तत्वों के बीच बढ़ते विवाद पर समय रहते सख्ती नहीं की गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। वहीं पुलिस द्वारा घटना के बाद की गई त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों को उम्मीद है कि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए असामाजिक तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी।







