म्यूल अकाउंट गिरोह पर बड़ी कार्रवाई, 5 खाताधारक गिरफ्तार, 33 साइबर फ्रॉड में 10.18 करोड़ की ठगी का हुआ खुलासा

जांजगीर-चांपा : छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में साइबर थाना पुलिस ने म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने मामले में 5 म्यूल खाता धारकों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों के बैंक खातों का इस्तेमाल देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज 33 साइबर फ्रॉड के मामलों में किया गया।
इन 33 मामलों में कुल करीब 10 करोड़ 18 लाख 19 हजार 809 रुपये की साइबर ठगी सामने आई है। वहीं, आरोपियों द्वारा उपलब्ध कराए गए म्यूल खातों में ठगी से संबंधित करीब 66 लाख 557 रुपये ट्रांसफर किए जाने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है।
कमीशन के लालच में बैंक खाते साइबर ठगों को दिए
पुलिस के मुताबिक आरोपी आर्थिक लाभ और कमीशन के लालच में अपने नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर और अन्य जरूरी जानकारी साइबर अपराधियों को उपलब्ध करा दी जाती थी। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे दूसरे बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता था। भारत सरकार के गृह मंत्रालय की गाइडलाइन और पुलिस मुख्यालय रायपुर के निर्देशों के तहत साइबर थाना जांजगीर-चांपा ने समन्वय पोर्टल से प्राप्त इनपुट के आधार पर मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की गहन जांच में आरोपियों के खातों का कनेक्शन देश के विभिन्न राज्यों में दर्ज 33 साइबर फ्रॉड मामलों से मिला।
11 राज्यों में दर्ज मिले 33 साइबर फ्रॉड
पुलिस जांच में म्यूल खातों का संबंध देश के 11 राज्यों में दर्ज साइबर अपराधों से पाया गया है। इनमें आंध्रप्रदेश के 4, गोवा के 2, गुजरात के 5, हिमाचल प्रदेश के 2, कर्नाटक के 6, महाराष्ट्र के 3, राजस्थान के 2, तेलंगाना के 4, उत्तर प्रदेश के 2, पश्चिम बंगाल के 1 और छत्तीसगढ़ के 2 मामले शामिल हैं। इन सभी मामलों में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं।
संदीप चंद्रा का नाम भी सामने आया
पूछताछ में आरोपी तुषार सिंह राठौर, ओम प्रकाश केंवट और सत्यनारायण आदित्य ने पुलिस को बताया कि संदीप चंद्रा और उसके साथियों ने कमीशन का लालच देकर उनसे बैंक खाते खुलवाए थे। आरोपियों के मुताबिक मोबाइल नंबर चालू करवाने के बाद बैंक खातों को अपने कब्जे में लेकर उनका इस्तेमाल किया गया। इसके बदले खाताधारकों को हजारों से लेकर लाखों रुपये तक कमीशन दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार जांच में यह भी पता चला है कि संदीप चंद्रा वर्तमान में बिलासपुर रेंज के साइबर थाने में दर्ज एक साइबर फ्रॉड मामले में केंद्रीय जेल में निरुद्ध है।
इन 5 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी
सत्यनारायण आदित्य, निवासी ग्राम किकिरदा, थाना बिर्रा, जिला जांजगीर-चांपा।
तुषार सिंह राठौर, निवासी ग्राम फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा।
हरिश कुमार देवांगन, निवासी सिवनी, थाना चांपा, जिला जांजगीर-चांपा।
ओम प्रकाश केंवट, निवासी फरसवानी, थाना उरगा, जिला कोरबा।
मनोज कुमार मांझी, निवासी चांपा, थाना चांपा, जिला जांजगीर-चांपा।
आरोपियों के खिलाफ साइबर थाना जांजगीर-चांपा में अपराध क्रमांक 06/2026 के तहत धारा 61(2), 317(4), 317(5), 318(4), 323 बीएनएस में मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
जानिए क्या होता है म्यूल अकाउंट?
म्यूल अकाउंट ऐसा बैंक खाता होता है, जिसे कोई व्यक्ति कमीशन या आर्थिक लाभ के लालच में साइबर अपराधियों को इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराता है। साइबर ठग ऐसे खातों में ठगी की रकम जमा करवाते हैं और फिर उसे दूसरे खातों में ट्रांसफर कर देते हैं। इससे ठगी की रकम के वास्तविक स्रोत और साइबर अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।
पुलिस के मुताबिक, किसी व्यक्ति द्वारा जानबूझकर अपना बैंक खाता साइबर अपराध के लिए उपलब्ध कराना भी गंभीर और दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में खाताधारक की भूमिका की जांच कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस की अपील – बैंकिंग से जुड़ी जानकारी किसी को न दें
साइबर थाना जांजगीर-चांपा ने लोगों से अपील की है कि कमीशन या किसी अन्य लालच में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड, OTP, पासवर्ड या इंटरनेट बैंकिंग से जुड़ी जानकारी किसी दूसरे व्यक्ति को न दें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि बैंक खाते को साइबर अपराधियों के इस्तेमाल के लिए उपलब्ध कराना गंभीर अपराध है और इसमें संलिप्त पाए जाने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तत्काल 1930 पर कॉल करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराए। पुलिस के अनुसार, समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराने और उसे वापस दिलाने की संभावना बढ़ जाती है।







