गायत्री जयंती 2026: 25 जून को इस शुभ मुहूर्त में करें पूजा, 108 बार मंत्र जाप से दूर होंगे सभी कष्ट

गायत्री जयंती का पावन पर्व ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है। वहीं कुछ जगहों पर ये पर्व श्रावण पूर्णिमा के दिन भी मनाते हैं। इस दिन भक्तगण मां गायत्री की विधि विधान पूजा करते हैं और गायत्री मंत्र का जाप करते हैं। हिंदू धर्म में मां गायत्री को त्रिमूर्ति के रूप में पूजा जाता है, इन्हें देवी सरस्वती, देवी पार्वती और देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है। इतना ही नहीं मां गायत्री ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों की आराध्य देवी भी मानी जाती हैं। चलिए जानते हैं इस साल गायत्री जयंती कब मनाई जाएगी और इस दिन माता की पूजा कैसे करते हैं।

गायत्री जयंती 2026 तिथि और मुहूर्त

गायत्री जयंती 25 जून 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन पूजा का सबसे शुभ मुहूर्त सुबह 05:25 से 07:10 बजे तक रहेगा। इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त सुबह 10:39 से दोपहर 02:09 बजे तक रहेगा। इसके अलावा स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 04:05 से 04:45 बजे तक रहेगा।

गायत्री जयंती की पूजा विधि 

  • गायत्री जयंती के दिन सुबह जल्दी उठकर गंगा नदी में स्नान करना चाहिए।
  • इसके बाद व्रत का संकल्प लें।
  • फिर मां गायत्री की विधि विधान आराधना करें।
  • इसके बाद गायत्री मंत्र का जाप करें। साथ ही माता की चालीसा का भी पाठ करें।
  • इस दिन श्री आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी बेहद फलदायी माना जाता है।
  • पूजा के अंत में गायत्री माता की आरती भी करें।
  • गायत्री जयंती पर अन्न, गुड़, वस्त्र और गेहूं का दान करना सबसे शुभ होता है।

गायत्री मंत्र का जरूर करें जाप

गायत्री जयंती पर गायत्री मंत्र का कम से कम 108 बार जाप जरूर करना चाहिए। कहते हैं इस मंत्र का जाप करने से जीवन की सभी परेशानियों का अंत हो जाता है।

ॐ भूर् भुवः स्वः।

तत् सवितुर्वरेण्यं।

भर्गो देवस्य धीमहि।

धियो यो नः प्रचोदयात् ॥

गायत्री जयंती का महत्व

कहते हैं गायत्री जयंती पर जो भी व्यक्ति सच्चे मन से मां गायत्री की उपासना करता है उसके जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। साथ ही इस व्रत को करने वाले व्यक्ति को दीर्घायु और मोक्ष की भी प्राप्ति होती है।इस दिन दान-पुण्य के कार्य करने का भी विशेष महत्व माना जाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button