भाजपा नेता को जिंदा जलाने के मामले में मुख्य आरोपी ने किया आत्मसमर्पण

कोरिया: छत्तीसगढ़ के कोरिया में बीजेपी नेता समेत 3 लोगों की बेरहमी से हत्या करने वाले चार आरोपियों ने आज मनेंद्रगढ़ थाने में सरेंडर किया। आरोपियों में मस्टरमाइंड मनोज त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी और निशांत त्रिपाठी शामिल है। मनोज ने ही ‘जघन्य घटनाकांड’ की प्लानिंग तैयार की थी। वहीं, इस मामले में अबतक के कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एक आरोपी अब भी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।

घटना के बाद क्षेत्र में तनाव है। क्षेत्र में शांतिभंग होने की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने महलपारा बैकुन्ठपुर, नौगई के साथ भरत सिंह के कटगोड़ी स्थित क्रेशर प्लांट एरिया में धारा 163 लागू किया है। साथ ही पूरे इलाके में पुलिस बल की तैनाती भी की गई है।

जानिए पूरा मामला

दरअसल, थाना सोनहत में 16 जून को कटगोडी निवासी बीजेपी नेता लल्ला सिंह उर्फ भरत कुमार सिंह अपने साथी योगेन्द्र सिंह, विरेन्द्र सिंह, मयंक सिंह व नागेन्द्र सिंह के साथ ग्राम नौगई में रात करीब 10.30 बजे मनोज त्रिपाठी के घर के सामने गये थे। यहाँ पर पुरानी रंजिश रेत विवाद को लेकर कहासुनी हुई।

इसी बीच मनोज त्रिपाठी, निशांत त्रिपाठी, अमन त्रिपाठी, विशाल त्रिपाठी व अन्य के द्वारा भरत सिंह के वाहन फार्च्यूनर को पेट्रोल डाकर आग लगा दिए। साथ ही अन्य के साथ जमकर मारपीट की गई। इस पूरे घटनाक्रम में लल्ला सिंह उर्फ भरत सिंह निवासी नौगई की मौके पर मौत हो गई।

नागेन्द्र सिंह व विरेन्द्र सिंह की ईलाज के दौरान मौत हो गई है। घटना को लेकर मृतकों के परिजनों में काफी रोष व्याप्त है। शांति भंग की आंशका को देखते हुए महलपारा बैकुन्ठपुर, नौगई एवं भरतसिंह उर्फ लल्लासिंह के कटगोड़ी स्थित केशर प्लांट एरिया में धारा 163 बीएनएसएस लागू है।

रेत के अवैध कारोबार को लेकर पूर्व में भी विवाद

बताया जा रहा है कि रेत के अवैध करोबार को लेकर पहले भी खूनी संघर्ष होता रहा है। बताया जा रहा है कि बीजेपी नेता भरत सिंह गहरवार के परिवार के लोगों को हाल ही में एक रेत घाट का सरकारी ठेका मिला था। इस बात से नगई गांव निवासी कारोबारी मनोज त्रिपाठी नाराज चल रहा था। मनोज त्रिपाठी क्षेत्र में अवैध खनन कर वसूली का कारोबार करता था। मनोज और बीजेपी नेता भरत सिंह के बीच इसी बात को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। बीते मंगलवार 16 जून की रात दोनों पक्ष एक दूसरे के सामने आ गए और खूनी विवाद हो गया। मनोज त्रिपाठी के लोगों ने भरत सिंह गहरवार को कार समेत पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया। साथ ही कार के बाहर निकले भरत सिंह के भाई नागेंद्र सिंह और साथी योगेंद्र सिंह पर लाठी डंडों से बेरहमी से हमला कर दिया। इस घटना में तीनों की मौत हो गई।

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