बकरीद 2026: 27 या 28 मई? जानिए भारत में कब मनाया जाएगा ईद-उल-अजहा

इस्लाम धर्म में बकरीद का त्यौहार बेहद ही खास और पाक माना जाता है। बकरीद को ईद-उल-अजहा के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन बकरा की कुर्बानी दी जाती है। कुर्बानी के बकरे को तीन हिस्सों में बांटा जाता है। पहले भाग रिश्तेदारों और दोस्तों के लिए होता है, वहीं दूसरा हिस्सा गरीब, जरूरतमंदों को दिया जाता है जबकि तीसरा परिवार के लिए होता है। देश के करोड़ों मुस्लिम समाज के लोग इस दिन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। तो आइए जानते हैं कि इस साल बकरीद कब मनाया जाएगा।

भारत में बकरीद 2026 कब है?

इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, 12वें महीने जु-अल-हिज्जा की 10 तारीख को बकरीद मनाई जाती है। यह तारीख रमजान के पवित्र महीने के खत्म होने के लगभग 70 दिनों के बाद आती है। यह इस्लामी वर्ष का अंतिम महीना होता है। इसी महीने में हज यात्रा भी होती है, जिसमें लाखों श्रद्धालु मक्का की पवित्र यात्रा करते हैं। जुल हिज्जा की शुरुआत चांद दिखाई देने के बाद होती है। बकरीद का त्यौहार चांद दिखने के 10वें दिन मनाया जाता है।

जानकारी के अनुसार, इस साल भारत में बकरीद का त्यौहार 28 मई 2026 को मनाई जाएगी। भारत के अलावा ब्रुनेई और बांग्लादेश में भी ईद-उल-अज़हा इसी दिन मनाई जाएगी। वहीं सऊदी अरब, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), कुवैत, कतर जैसे देशों में 27 मई को बकरीद मनाई जाएगी।  हालांकि बकरीद की सही तारीख चांद के दीदार पर निर्भर करती है। ऐसे में ईद उल अजहा की सही तारीख भी जुल-हिज्जा महीने का चांद दिखने के बाद ही पता चलेगी।

बकरीद पर कुर्बानी का महत्व

इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, पैगंबर हजरत इब्राहिम ने अल्लाह की इबादत में खुद को समर्पित कर दिया था। एक बार अल्लाह ने हजरत इब्राहिम की परीक्षा ली और उनसे उनकी कीमती चीज की कुर्बानी मांगी। तब उन्होंने अपने बेटे हजरत इस्माइल को कुर्बानी देनी चाही। जैसे ही वे अपने बेटे की कुर्बानी देने लगे तब अल्लाह हजरत इस्माइल की जगह वहां एक बकरा भेज दिया। इस तरह उनके बेटे के स्थान पर बकरे की कुर्बानी हुई। कहा जाता है कि तब से ही मुसलमानों में बकरीद पर बकरे की कुर्बानी देनी की परंपरा शुरू हुई।

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