भारत की ‘अग्नि’ से कांपे दुश्मन, जानिए मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत

अपनी सामरिक ताकत को और मजबूती देने के लिए भारत ने एडवांस अग्नि मिसाइल का सफल टेस्ट कर लिया है। DRDO ने 8 मई 2026 को ओडिशा में मौजूद डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम आईलैंड से MIRV यानी मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेड री-एंट्री व्हीकल टेक्नोलॉजी से लैस एडवांस अग्नि मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इस टेस्ट के साथ एक बार फिर भारत ने साबित कर दिया कि वह एक मिसाइल से कई अलग-अलग टारगेट्स को नेस्तनाबूद करने में सक्षम है।

मिसाइल ने कई पेलोड्स से अलग-अलग टारगेट किए हिट

डीआरडीओ के अनुसार, मिसाइल का टेस्ट कई पेलोड्स के साथ हुआ, जिन्हें हिंद महासागर क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर मौजूद लक्ष्यों की तरफ भेजा गया। इस टेस्ट के दौरान मिसाइल की उड़ान पर ग्राउंड और शिप-बेस्ड ट्रैकिंग सिस्टम से नजर रखी गई। लॉन्च से लेकर सभी पेलोड्स के तय टारगेट तक पहुंचने तक की पूरी ट्रेजेक्टरी को कामयाबी से ट्रैक किया गया। यानी यह एक साथ कई टारगेट को तबाह करने की क्षमता वाली मिसाइल है, जिसे रोकना किसी भी एयर डिफेंस के लिए रोकना नामुमकिन जैसा होगा। फ्लाइट डेटा के एनालिसिस में मिशन के सभी उद्देश्यों के कामयाबी से पूरे होने की पुष्टि हुई है।

एडवांस मिसाइल सिस्टम क्यों है खास?

गौरतलब है कि यह एडवांस मिसाइल सिस्टम DRDO की अलग-अलग लैब में देश की कई इंडस्ट्रियल यूनिट्स के सहयोग से डेवलप की गई है। टेस्ट के दौरान, DRDO के सीनियर वैज्ञानिकों और भारतीय सेना के अफसरों की मौजूदगी रही।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

टेस्ट की कामयाबी के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस कामयाब टेस्ट पर DRDO, देश के रक्षा उद्योग और भारतीय सेना को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आगे कहा कि यह उपलब्धि भारत की रक्षा तैयारियों को और ज्यादा मजबूत करेगी और बढ़ते सुरक्षा खतरों के बीच देश की सैन्य ताकत में बड़ा इजाफा करेगी।

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