रूस और यूक्रेन ने मानी ट्रंप की बात, 72 घंटे के लिए थमेगा युद्ध का कहर

वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि रूस और यूक्रेन ने उनके अनुरोध पर 3 दिन के सीजफायर और कैदियों की अदला-बदली पर सहमति जताई है। ट्रंप ने कहा कि यह कदम लंबे समय से चल रहे युद्ध को खत्म करने की दिशा में ‘अंत की शुरुआत’ साबित हो सकता है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के विदेश मामलों के सलाहकार यूरी उशाकोव ने भी इस समझौते की पुष्टि की है।

‘मैंने दोनों से युद्ध रोकने की अपील की थी’

व्हाइट हाउस से रवाना होते समय ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, ‘मैंने दोनों नेताओं से युद्ध रोकने की अपील की थी। राष्ट्रपति पुतिन मान गए और राष्ट्रपति जेलेंस्की ने भी तुरंत सहमति दे दी। कुछ समय के लिए लोग एक-दूसरे को नहीं मारेंगे, यह बहुत अच्छी बात है।’ ट्रंप ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि सीजफायर शनिवार से सोमवार तक लागू रहेगा। उन्होंने बताया कि यह फैसला रूस के ‘विक्ट्री डे’ समारोह के दौरान लिया गया है। रूस में ‘विक्ट्री डे’ द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी जर्मनी पर जीत की याद में मनाया जाता है।

‘9, 10 और 11 मई को युद्धविराम रहेगा’

ट्रंप ने लिखा, ‘मुझे यह ऐलान करते हुए खुशी हो रही है कि रूस और यूक्रेन के बीच 9, 10 और 11 मई को तीन दिन का युद्धविराम रहेगा। रूस में यह विक्ट्री डे का उत्सव है, लेकिन यूक्रेन भी द्वितीय विश्व युद्ध का बड़ा हिस्सा और महत्वपूर्ण सहयोगी रहा है।’ उन्होंने कहा कि इस युद्धविराम के दौरान सभी सैन्य गतिविधियां रोकी जाएंगी और दोनों देश 1000-1000 युद्धबंदियों की अदला-बदली करेंगे। हालांकि रूस पहले भी शुक्रवार और शनिवार के लिए युद्धविराम की घोषणा कर चुका था, लेकिन वह ज्यादा देर तक नहीं टिक पाया था।

‘हर दिन हम समाधान के करीब पहुंच रहे हैं’

ट्रंप ने कहा कि उन्होंने यह अनुरोध सीधे दोनों राष्ट्रपतियों से किया था। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह समझौता फरवरी 2022 से जारी इस भीषण युद्ध को खत्म करने की दिशा में अहम कदम साबित होगा। ट्रंप ने यह भी कहा कि युद्ध खत्म करने को लेकर बातचीत लगातार जारी है और ‘हर दिन हम समाधान के करीब पहुंच रहे हैं।’ राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने इस समझौते को खास तौर पर युद्धबंदियों की रिहाई को ध्यान में रखकर स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान यूक्रेन लगातार अपने सैनिकों और नागरिकों की वापसी की मांग करता रहा है।

‘यूक्रेन की तरफ से कोई हमला नहीं होगा’

जेलेंस्की ने टेलीग्राम पर लिखा, ‘हमारे लिए रेड स्क्वायर से ज्यादा महत्वपूर्ण यूक्रेनी युद्धबंदियों की जिंदगी है, जिन्हें वापस घर लाया जा सकता है।’ रेड स्क्वायर रूस की राजधानी मॉस्को का वह ऐतिहासिक स्थल है, जहां हर साल विक्ट्री डे पर भव्य सैन्य परेड आयोजित की जाती है। समझौते के बाद जेलेंस्की ने एक औपचारिक राष्ट्रपति आदेश जारी कर रूस को परेड आयोजित करने की ‘अनुमति’ दी और घोषणा की कि परेड के दौरान रेड स्क्वायर पर यूक्रेन की तरफ से कोई हमला नहीं किया जाएगा।

‘किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है’

यूक्रेन की ओर से इस आदेश को इस तरह पेश किया गया ताकि यह संदेश जाए कि कीव के पास मॉस्को तक निशाना साधने की क्षमता है, लेकिन उसने युद्धविराम के सम्मान में संयम बरता है। वहीं, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने जेलेंस्की के इस आदेश को ‘मजाक’ बताया। उन्होंने कहा, ‘हमें अपनी विक्ट्री डे पर गर्व करने के लिए किसी की इजाजत की जरूरत नहीं है।’ जेलेंस्की ने कहा कि यह समझौता अमेरिका की मध्यस्थता से संभव हो पाया और इसके लिए उन्होंने ट्रंप और अमेरिकी टीम का धन्यवाद किया।

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