देश के नए सीडीएस बने रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि, हाथ में होगा तीनों सेनाओं का कंट्रोल

ई दिल्ली: भारत सरकार ने लेफ्टिनेंट जनरल एन एस राजा सुब्रमणि (सेवानिवृत्त) को नया चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नियुक्त किया है, जो कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से और अगले आदेश तक भारत सरकार के सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में भी कार्य करेंगे। वे वर्तमान सीडीएस अनिल चौहान की जगह लेंगे। जिनका कार्यकाल 30 मई को पूरा होने जा रहा है।

वर्तमान में लेफ्टिनेंट जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि 1 सितंबर 2025 से अब तक राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय में सैन्य सलाहकार के पद पर सेवा दे रहे हैं। इससे पहले वे 1 जुलाई 2024 से 31 जुलाई 2025 तक थल सेना के उप-प्रमुख रहे थे, इसके अलावा मार्च 2023 से जून 2024 तक मध्य कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में कार्यरत थे।

सीडीएस का क्या काम होता है

  1. सीडीएस रक्षा मंत्री के प्रधान सैन्य सलाहकार के रूप में कार्य करते हैं और तीनों सेनाओं से जुड़े मामलों पर अपनी सलाह देते हैं।
  2. सैन्य मामलों के विभाग के प्रमुख वे रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत नवनिर्मित सैन्य मामलों के विभाग के सचिव के रूप में भी कार्य करते हैं।
  3. तीनों सेनाओं में समन्वय स्थापित करने का काम करते हैं, सेना के तीनों अंगों के बीच ऑपरेशन, ट्रेनिंग, रसद (logistics) और संचार जैसे क्षेत्रों में संयुक्तता लाना और संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करना।
  4. वे चीफ्स ऑफ स्टाफ कमेटी के स्थायी अध्यक्ष होते हैं, जिसमें तीनों सेना प्रमुख सदस्य होते हैं।
  5. सीडीएस रक्षा खरीद निर्णयों में प्राथमिकता तय करने और सेना के आधुनिकीकरण की योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
  6. परमाणु कमान प्राधिकरण के सलाहकार: वे भारत के परमाणु कमान प्राधिकरण (NCA) के सैन्य सलाहकार के रूप में भी कार्य करते हैं।
  7. सीडीएस एक फोर-स्टार अधिकारी होता है और उनके पास किसी भी सेना पर सीधे ऑपरेशनल कमांड (युद्ध क्षेत्र में निर्देश देने) का अधिकार नहीं होता है, यह अधिकार संबंधित सेना प्रमुखों के पास ही रहता है।

 

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