मई की पहली एकादशी कब है? जानें क्यों खास मानी जा रही है अपरा एकादशी

अपरा एकादशी को अजला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि इस एकादशी का पुण्य अपार होता है। इस दिन व्रत करने से धन-धान्य और मान-सम्मान में वृद्धि होती है। वहीं मनुष्य को उसके सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन तुलसी, चंदन, कपूर और गंगाजल से भगवान विष्णु की पूजा होती है। कहते हैं इस व्रत को रखने से व्यक्ति जन्म-मृत्यु के कर्म चक्र से भी मुक्त हो जाता है। जानिए मई में किस दिन ये एकादशी पड़ रही है।

मई की पहली एकादशी कब है 

मई की पहली एकादशी 13 तारीख को मनाई जाएगी। इस एकादशी का पारण समय सुबह 05:31 से 08:14 बजे तक रहेगा। वहीं पारण तिथि के दिन द्वादशी समाप्त होने का समय सुबह 11:20 बजे का है।

अपरा एकादशी पूजा विधि 

  1. अपरा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर घर की अच्छे से सफाई करें और इसके बाद स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. फिर घर के मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति के समक्ष घी का दीपक जलाएं।
  3. भगवान को अक्षत, फूल, आम, नारियल और सूखे मेवे अर्पित करें।
  4. एकादशी की कथा सुनें और भगवान की आरती उतारें।
  5. सूर्य देव को जल चढ़ाएं।
  6. शाम के समय तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाएं।
  7. फिर अगले दिन व्रत का पारण करें।

अपरा एकादशी पर क्या करें 

  1. इस दिन ‘ओम नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें।
  2. भगवान विष्णु की सच्चे मन से आराधना करें।
  3. दान जरूर करें।
  4. सूर्य देव को अर्घ्य चढ़ाएं।
  5. तुलसी जी की पूजा जरूर करें।
  6. जरूरतमंदों को भोजन कराएं।
  7. फलाहारी भोजन का ही सेवन करें।
  8. भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी की पूजा भी जरूर करें।

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