महासमुंद: प्रशासन की टीम पहुंची पावर प्लांट, पर्यावरण को लेकर निर्देश जारी

महासमुंद : कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी विनय कुमार लंगेह के आदेश के परिपालन में जिला स्तरीय गठित संयुक्त टीम द्वारा मेसर्स करणी कृपा पॉवर प्राईवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिला परिवहन अधिकारी रामकुमार ध्रुव, श्रम पदाधिकारी श्रम विभाग डी०एन० पात्र, मुख्य रसायनज्ञ नीलिमा सोनकर एवं केमिस्ट पर्यावरण विभाग जितेन्द्र सिंग, श्रम उप निरीक्षक श्रम विभाग बेलारसन बघेल उपस्थित रहे।

निरीक्षण के दौरान परिवहन विभाग की जांच में कोई अनियमितता नहीं पाई। प्रबंधक को प्लांट के वाहनों को नेशनल हाईवे में सही दिशा में चलने तथा गलत दिशा में न चलने की हिदायत दी गई। पर्यावरण विभाग की जांच में प्लांट परिसर में ई.एस.पी. डस्ट का अत्यधिक मात्रा में भण्डारण होना पाया गया, उक्त डस्ट के उचित निस्तारण हेतु उद्योग प्रबंधन को निर्देशित किया गया। श्रम विभाग द्वारा संविदा श्रमिक अधिनियम, 1970, न्यूनतम वेतन अधिनियम 1948, समान पारिश्रमिक अधिनियम 1976, वेतन भुगतान अधिनियम 1936, अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के अन्तर्गत जांच/निरीक्षण किया गया। फैक्ट्री रोल में 40 कुशल एवं 05 अतिकुशल इस प्रकार कुल 45 कर्मचारी अन्य प्रदेशों के पाए गए तथा 30 अकुशल, 80 अर्धकुशल, 150 कुशल, 50 अतिकुशल कुल 310 कर्मचारी स्थानीय निवासी नियोजित पाए गए एवं ठेकेदारों के नियोजन में 20 कुशल, 15 अतिकुशल कुल 35 कर्मचारी अन्य प्रदेशों के पाये गये तथा 150 अकुशल, 50 अर्धकुशल, 40 कुशल, 10 अतिकुशल कुल 250 कर्मचारी स्थानीय निवासी नियोजित पाए गए।

जांच में कर्मचारियों से संबंधित रिकार्ड समक्ष में प्रस्तुत नहीं किया गया। ठेकेदारों द्वारा ओवर टाईम लिया जाना पाया गया। ओवर टाईम से संबंधित रिकार्ड प्रस्तुत नहीं किया गया। ठेकेदारों द्वारा अन्तर्राज्यीय प्रवासी कर्मकार अधिनियम 1979 के अन्तर्गत वांछित जानकारी प्रस्तुत नहीं की गई। इस संबंध में प्रबंधन एवं ठेकेदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। आंतरिक परिवाद समिति का गठन कराया जाना पाया गया।

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