“नो लाइसेंस, नो लोडिंग” — किरंदुल में CISF की सख्ती से JSW साइडिंग ठप, NMDC को बड़ा झटका

किरंदुल : किरंदुल के औद्योगिक क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब JSW लोडिंग साइडिंग पर बीती रात से हाइवा लोडिंग पूरी तरह बंद हो गई। इस ठप स्थिति की वजह बनी CISF की सख्त कार्रवाई, जिसने बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाले वाहनों पर पूरी तरह रोक लगा दी।सूत्रों के अनुसार, मामला JSW के वेस्ट लोडिंग पॉइंट का है, जहां एक ट्रक ड्राइवर बिना वैध लाइसेंस के पहुंचा। धर्मकांटा में तैनात कर्मचारियों के साथ उसकी कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते विवाद में बदल गई। हालात बिगड़ते देख CISF जवानों ने मोर्चा संभाला और तत्काल प्रभाव से पूरे लोडिंग ऑपरेशन को रोक दिया।
CISF का स्पष्ट और कड़ा संदेश —
“बिना लाइसेंस कोई एंट्री नहीं, कोई लोडिंग नहीं। पहले ड्राइवर लाइसेंस दिखाए, तभी आगे की प्रक्रिया होगी।”
नियमों पर जीरो टॉलरेंस, सुरक्षा बनी प्राथमिकता
CISF की इस कार्रवाई को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और साइडिंग में संभावित अनियमितताओं पर रोक लगाने के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय स्तर पर जवानों की सख्ती की सराहना भी हो रही है, क्योंकि इससे चोरी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
उत्पादन और सप्लाई पर बड़ा असर
लोडिंग बंद होने का सीधा असर NMDC (नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) पर भी पड़ा है। बैलाडीला की खदानों से निकलने वाला आयरन ओर JSW साइडिंग के जरिए देशभर में भेजा जाता है। ऐसे में लोडिंग रुकने से सप्लाई चेन बाधित हो गई है और उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
ड्राइवरों में हड़कंप, साइडिंग पर सन्नाटा
CISF की सख्ती के बाद ड्राइवरों में हड़कंप मच गया है। अब बिना वैध दस्तावेज के किसी भी वाहन को साइडिंग में प्रवेश नहीं मिल रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोडिंग कार्य पूरी तरह ठप पड़ा है।
घटना के कई घंटे बीत जाने के बावजूद JSW और NMDC प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सभी की नजरें अब इस पर टिकी हैं कि आखिर कब स्थिति सामान्य होगी और लोडिंग दोबारा शुरू की जाएगी। फिलहाल, किरंदुल में CISF की सख्ती ने एक साफ संदेश दे दिया है—नियमों से समझौता नहीं, चाहे काम ठप ही क्यों न हो जाए।







