भाटापारा में 15 वर्षों पुराना अवैध कब्जा ध्वस्त, 5 एकड़ जमीन कराई गई मुक्त

बलौदाबाजार : शहर के पटपर रोड स्थित लाल बहादुर शास्त्री वार्ड के अंतिम छोर पर 15 वर्षों से फैले अवैध कब्जे पर आखिरकार प्रशासन का बुलडोजर चल गया। लगभग 14 एकड़ शासकीय भूमि में से करीब 5 एकड़ क्षेत्र में फैले कबाड़ी व्यवसाय के अवैध कब्जे को नगरपालिका प्रशासन ने संयुक्त टीम के सहयोग से मुक्त कराया।यह कार्रवाई नगरपालिका, राजस्व विभाग, विद्युत विभाग और पुलिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप की स्थिति देखी गई।

2012 में नगरपालिका को हुआ था भूमि आबंटन
जानकारी के अनुसार, उक्त 14 एकड़ भूमि वर्ष 2012 में कलेक्टर द्वारा नगरपालिका को जनहित एवं विकास कार्यों के लिए आबंटित की गई थी। इसके बावजूद लंबे समय से जमीन के बड़े हिस्से पर कबाड़ी व्यवसाय से संबंधित सामान फैलाकर अवैध अतिक्रमण किया गया था।नगरपालिका अधिकारियों का कहना है कि इस संबंध में कई बार नोटिस जारी किए गए, किंतु कब्जाधारी द्वारा कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया गया।

 कई बार दिए गए नोटिस, नहीं मिला सहयोग
मुख्य नगरपालिका अधिकारी जफर खान ने बताया कि अवैध कब्जा हटाने के लिए लगातार विधिसम्मत नोटिस जारी किए गए थे। लगभग 15 वर्षों से शासकीय भूमि पर फैले इस अतिक्रमण के कारण नगरपालिका को विकास कार्यों में कठिनाई हो रही थी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नगरपालिका को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, अधोसंरचना विकास, सार्वजनिक भवन निर्माण एवं अन्य सुविधाओं के विस्तार के लिए भूमि की आवश्यकता है। भविष्य में भी शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

करोड़ों के कबाड़ सामान की जब्ती
संयुक्त टीम द्वारा कार्रवाई के दौरान कबाड़ी व्यवसाय से संबंधित भारी मात्रा में सामान जब्त किया गया। यह सामान लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ था। जब्त किए गए सामान में शामिल थे: मिलों से संबंधित मशीनरी उपकरण मोटरसाइकिल एवं चारपहिया वाहनों के पार्ट्स विद्युत उपकरण व तार विभिन्न धातु सामग्री अन्य कीमती स्क्रैप सामान ग्रामीण थाना प्रभारी हेमंत पटेल ने बताया कि प्राथमिक जांच के दौरान कुछ संदिग्ध एवं संभावित चोरी के सामान भी पाए गए हैं, जो जांच का विषय है। समाचार लिखे जाने तक कार्रवाई जारी थी और विस्तृत जांच की प्रक्रिया चल रही है।

नगर पालिका अध्यक्ष का बयान
नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा—
“नगर की शासकीय भूमि जनता की संपत्ति है। इसे निजी उपयोग हेतु अवैध रूप से कब्जा करना कानूनन अपराध है और नगर विकास में बाधा भी है। 15 वर्षों से लंबित इस प्रकरण में बार-बार नोटिस देने के बावजूद सहयोग नहीं मिला, जिसके कारण कठोर कार्रवाई आवश्यक हो गई।यह कार्रवाई किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि कानून पालन और नगरहित में की गई है। आगे भी जहां-जहां शासकीय भूमि पर अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।”

संयुक्त टीम की उपस्थिति
कार्रवाई के दौरान तहसीलदार यशवंत राज, मुख्य नगरपालिका अधिकारी जफर खान, ग्रामीण थाना प्रभारी हेमंत पटेल, विद्युत विभाग की एई पूजा महिलांग सहित नगरपालिका के राजस्व निरीक्षक अजय नायडू, गजहंस ठाकुर, सौरभ ठाकुर, रवि ध्रुव, सचिन मसीह, कन्हैया ठाकुर, देव कुमार बंजारे, वैष्णव, राकिब बाठिया एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

 अवैध कब्जाधारियों में मचा हड़कंप
शहर में लंबे समय से शासकीय भूमि पर कब्जा जमाए बैठे अन्य अतिक्रमणकारियों में इस कार्रवाई के बाद हड़कंप मच गया है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य शासकीय भूमि की भी जांच कर अतिक्रमण मुक्त कराने की प्रक्रिया जारी रहेगी।नगरपालिका प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि नगर विकास और जनहित सर्वोपरि है, और किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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