ग्राम पंचायत सुकुलदैहान में भ्रष्टाचार की परतें उजागर, सरपंच-पंच पर लाखों की वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप

राजनांदगांव : जनपद पंचायत राजनांदगांव अंतर्गत ग्राम पंचायत सुकुलदैहान में कथित भ्रष्टाचार का मामला सामने आने के बाद पंचायत व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्राम पंचायत की सरपंच सरस्वती चंद्रवंशी एवं पंच कृष्णा खरे पर लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितता और नियमों की खुलेआम अनदेखी के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामवासी असने देवांगन (पिता दुखित राम देवांगन) ने इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO), जनपद पंचायत राजनांदगांव को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत आवेदन में उल्लेख किया गया है कि पंचायत द्वारा शासन की अनुमति एवं पंचायत प्रस्ताव के बिना बाजार क्षेत्र में निर्मित दुर्गा मंच को तोड़ दिया गया, जो न केवल नियमों का उल्लंघन है बल्कि सार्वजनिक आस्था से भी खिलवाड़ बताया गया है। वहीं 24 मार्च 2025 को हुई बाजार नीलामी की 2 लाख 4 हजार रुपये की राशि को निजी उपयोग में लेने और बाद में अलग-अलग तिथियों में बैंक खाते में जमा करने का आरोप भी लगाया गया है, जिसे संदिग्ध बताया जा रहा है।

आवेदन में यह भी आरोप है कि बिना टैक्सी परमिट वाले वाहन के नाम पर फर्जी बिल लगाकर करीब 40 हजार रुपये की राशि आहरित की गई। इसके अलावा बिना GST एवं रॉयल्टी पर्ची के 17 ट्रिप दर्शाकर 6 लाख 64 हजार 237 रुपये निकाल लिए गए। इतना ही नहीं, बिना दिनांक के बिल के माध्यम से 27 हजार 90 रुपये की राशि भी निकाले जाने का उल्लेख है।शिकायत के अनुसार, मुरुम-रेती मंगाने के नाम पर भी अधिक ढुलाई दर्शाकर बिना वैध दस्तावेजों के भुगतान किया गया। वहीं स्वयं के ट्रैक्टर से पानी ढुलाई कर कला राम साहू के नाम पर फर्जी बिल लगाकर 45 हजार रुपये आहरित किए गए, जबकि उक्त भुगतान में GST बिल तक संलग्न नहीं है।

विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। वार्ड क्रमांक 16 में नाली निर्माण में भारी तकनीकी खामियां बताई गई हैं, जिससे घरों का पानी घरों में ही भर रहा है। शिकायतकर्ता ने नाली के पुनः निर्माण की मांग करते हुए सरपंच एवं संबंधित इंजीनियर कल्पना चतुर्वेदी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। वहीं तिरंगा चौक से भूमिहार चौक तक कराए गए सीमेंट कंक्रीट कार्य को भी गुणवत्ता विहीन बताया गया है।शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई तथा शासन की राशि की वसूली सुनिश्चित करने की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर क्या कदम उठाता है।

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