ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण से दंतेवाड़ा ने रचा इतिहास

दंतेवाड़ा : छत्तीसगढ़ में सुशासन और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में दंतेवाड़ा जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों दंतेवाड़ा जिले को “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 से सम्मानित किया गया।यह पुरस्कार राजधानी नवा रायपुर में आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि “गुड गवर्नेंस कागजों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि उसका असर जनता के जीवन में और प्रशासन के कामकाज में स्पष्ट दिखना चाहिए।” उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में तकनीक को सुशासन का मजबूत माध्यम बनाया गया है और दंतेवाड़ा की यह पहल उसी सोच का सशक्त उदाहरण है।
दंतेवाड़ा जिले में लागू की गई ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण प्रणाली के माध्यम से दशकों पुराने राजस्व रिकॉर्ड को सुरक्षित, हस्तक्षेप विहीन और डिजिटल रूप में संरक्षित किया गया है। इस नवाचार के तहत 1950 से 2024 तक के लाखों भूमि दस्तावेजों को स्कैन कर उन्हें ब्लॉकचेन तकनीक से सत्यापित किया गया, जिससे अब किसानों और नागरिकों को भूमि संबंधी दस्तावेज़ कुछ ही मिनटों में उपलब्ध हो रहे हैं।पहले जहां भूमि अभिलेख प्राप्त करने में दो से तीन सप्ताह तक का समय लगता था, वहीं अब यह प्रक्रिया 10 से 15 मिनट में पूरी हो रही है। इससे न केवल आम नागरिकों का समय और खर्च बचा है, बल्कि दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पर भी प्रभावी रोक लगी है।दंतेवाड़ा जैसे आदिवासी और दूरस्थ जिले में यह पहल विशेष रूप से प्रभावशाली सिद्ध हुई है। सार्वजनिक कियोस्क और डिजिटल पोर्टल के माध्यम से ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों को अब तहसील और जिला कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। सुरक्षित और प्रमाणिक भूमि रिकॉर्ड उपलब्ध होने से किसानों को बैंक ऋण, योजनाओं का लाभ और कानूनी प्रक्रियाओं में भी आसानी हो रही हैं।







