पीडीएस का चावल पहुंच रहा किराना दुकानों में

पाटन : पीडीएस चावल की कालाबाजारी आम हो गई है. पहले राइस मिलर्स से सांठगांठ कर राशन दुकानों से सरकारी चावल पहले राइस मिलों तक पहुंच रहा था. अब किराना दुकानों में भी पहुंचने लगा है. पाटन की अधिकांश राशन दुकानों में कुछ ऐसा ही खेल चल रहा है. खास बात यह है कि शिकायत के बाद भी ऐसे मामलों में कहीं कोई कार्रवाई नहीं हो रही. अवैध कारोबार करने वाले बेखौफ हैं.
वहीं खाद्य विभाग को इस पूरे मामले में लिखित शिकायत का इंतजार है. वहीं राशन दुकानों में हितग्राहियों से पूछा जाता है कि चावल चाहिए या पैसा, पैसा मांगने पर 24 रुपए किलो के हिसाब से पैसा दे दिया जाता है. वहीं तौल में रिकार्ड दर्ज हो जाता है और कालाबाजारी हो जाती है. खाद्य विभाग इसे रोकने में पूरी तरह फेल साबित हो रहा है. राशन दुकानों से गरीबों का राशन नसीब नहीं हो रहा है. इसके चलते यहां राशन दुकानों में विवाद की स्थिति निर्मित हो रही है . पाटन के कई किराना दुकानों में पीडीएस का चावल आसानी से मिल जाता है.
कालाबाजारी में दलाल सक्रिय: नगर पंचायत पाटन के विभिन्न वार्डों में पीडीएस चावल को मेटाडोर से लोडिंग कर मंजिल तक पहुंचाया जा रहा है. चावल लोड होने के बाद दलाल अपने वाहनों से किराना दुकान तक आसानी से पहुंचाया जा रहा है. पीडीएस चावल मुनाफाखोरों के हाथ लगने से बीपीएल परिवारों तक चावल नहीं मिल रहा है. पीडीएस चावल के कारोबार में पाट के कई रसूखदार इसमें शामिल हैं. रसूखदार अपनी सेटिंग के कारण अवैध कारोबार को बंद ना हो इस कारण विभाग को भी पूरी तरह से कंट्रोल कर रखा है. पीडीएस चावल अवैध कारोबार को लेकर खाद्य विभाग को कई बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन सिर्फ खानापूर्ति की कार्रवाई की जाती है. यहां लंबे समय से यह कारोबार जारी है.







