जन समुदाय के सजगता से बाल विवाह मुक्त हो रहा अपना बेमेतरा

बेमेतरा : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग की मंत्री द्वारा 10 मार्च 2024 को “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान” का शुभारंभ किया गया था। इस अभियान के अंतर्गत राज्य को बाल विवाह से पूर्णतः मुक्त करने हेतु सभी विभागों के समन्वय से रणनीति एवं कार्ययोजना तैयार की गई है।इसी क्रम में, बेमेतरा जिले में कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन में एवं चंद्रबेश सिंह सिसोदिया, जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा सी.पी. शर्मा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में जिले में व्यापक अभियान चलाया गया है।

सभी परियोजना अधिकारियों, जिला बाल संरक्षण अधिकारी एवं परियोजना समन्वयकों के नेतृत्व में जिले की समस्त ग्राम पंचायतों, नगर पंचायतों और नगर पालिकाओं में “बाल विवाह मुक्त पंचायत/निकाय” बनाए जाने के लिए सक्रिय समन्वय स्थापित किया गया। 2 से 7 अक्टूबर 2025 के बीच आयोजित विशेष ग्राम सभाओं में एजेंडा क्रमांक 15 के तहत बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों पर चर्चा कर उन्हें सर्वसम्मति से पारित किया गया।अब तक जिले की 429 ग्राम पंचायतों में से 394 ग्राम पंचायतों और 11 नगरीय निकायों में से 8 निकायों ने बाल विवाह मुक्त पंचायत/निकाय का प्रस्ताव पारित किया है। जिले को वर्ष 2028-29 तक पूर्णतः बाल विवाह मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस हेतु विकासखंडवार कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

वर्ष 2025-26 में 40 प्रतिशत ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों को बाल विवाह मुक्त घोषित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रस्तावों की जांच उपरांत पात्र पंचायतों को कलेक्टर महोदय द्वारा “बाल विवाह मुक्त पंचायत प्रमाण पत्र” प्रदान किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने में समाज के सभी वर्गों — सर्व समाज प्रमुख, सामाजिक संगठन, प्रिंट मीडिया, सेवा प्रदाता जैसे पुरोहित, टेंट-शामियाना, बैंड-बाजा, एवं डीजे संचालकों का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ है।जनसहयोग के कारण जिले में बाल विवाह के प्रति व्यापक जागरूकता आई है और बाल विवाह की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगी है।

बाल विवाह मुक्त पंचायत के लिए पात्रता
ग्राम सभा या संबंधित नगरीय निकाय की सामान्य सभा में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित होना चाहिए कि “पिछले दो वर्षों में पंचायत/नगर पंचायत/नगर पालिका क्षेत्र में कोई भी बाल विवाह नहीं हुआ है।” ऐसे प्रस्ताव के आधार पर पंचायत को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जा सकता है। राज्य शासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, महिला एवं बाल विकास अधिकारी, सभी परियोजना अधिकारी, सुपरवाइजर एवं ग्राम पंचायत सचिवों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी घोषित किया गया है। बाल विवाह की सूचना या शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दी जा सकती है। जिला प्रशासन ने अपील कि हैं कि यदि कोई ग्राम पंचायत स्वयं को बाल विवाह मुक्त घोषित करना चाहती है, तो वह उपरोक्त पात्रता के आधार पर विशेष ग्राम सभा का आयोजन कर विभाग को प्रस्ताव प्रेषित कर सकती है।

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