एनएमडीसी के किरंदुल कॉम्प्लेक्स में कार्यरत संजीव शाही को अधिशासी निदेशक के पद पर पदोन्नति, मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन ने किया भव्य सम्मान

किरंदुल, 6 जुलाई 2025: राष्ट्रीय खनिज विकास निगम (एनएमडीसी) के किरंदुल कॉम्प्लेक्स में कार्यरत संजीव शाही को अधिशासी निदेशक के पद पर पदोन्नति और हैदराबाद मुख्यालय में स्थानांतरण होने पर मेटल माइंस वर्कर्स यूनियन (इंटक), किरंदुल ने एक भव्य समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया। इस अवसर पर यूनियन के अध्यक्ष विनोद कुमार कश्यप और सचिव ए.के. सिंह के कुशल नेतृत्व में संजीव शाही को पुष्प गुच्छ, गांधी टोपी, तिरंगा गमछा, शाल और प्रतीक चिन्ह भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी गईं।
संजीव शाही, जो एक मृदुभाषी, अनुभवी और कुशल माइनिंग इंजीनियर हैं, ने एनएमडीसी की दोणिमलई और बचेली परियोजनाओं में लंबी सेवा देने के बाद किरंदुल कॉम्प्लेक्स में लगभग एक वर्ष तक अपनी सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने उत्पादन और डिस्पैच के क्षेत्र में कई कीर्तिमान स्थापित किए। उनकी नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक कुशलता ने परियोजना में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सामंजस्य स्थापित कर टीम भावना को प्रोत्साहित किया, जिसके परिणामस्वरूप किरंदुल परियोजना ने कई महीनों तक उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।रविवार दोपहर सम्मान समारोह में यूनियन के अध्यक्ष विनोद कुमार कश्यप और सचिव ए.के. सिंह के साथ-साथ यूनियन के अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें चिन्नास्वामी, प्रशांत ठाकर, दिलीप सिंह, बिजी प्रदीप, महेश कुमार मल्लाह, पतिराम बघेल, ओम कुमार साहू, राकेश लाल, रविश तिवारी, राजेंद्र पटनायक और त्रिलोक बांधे शामिल थे। सभी ने संजीव शाही के योगदान की सराहना करते हुए उनके नेतृत्व में परियोजना की प्रगति को याद किया और उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
संजीव शाही ने इस अवसर पर यूनियन और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि किरंदुल में बिताया गया समय उनके लिए अविस्मरणीय रहा और यहां की टीम के सहयोग से ही वे महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कर पाए। उन्होंने भविष्य में भी एनएमडीसी के विकास के लिए कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।
यह सम्मान समारोह न केवल संजीव शाही की उपलब्धियों का उत्सव था, बल्कि एनएमडीसी किरंदुल कॉम्प्लेक्स में सामूहिक प्रयासों और एकजुटता का भी प्रतीक रहा। यूनियन ने इस अवसर पर परियोजना के अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरित करने का संदेश दिया, ताकि वे मिलकर परियोजना को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।







