राजनांदगांव को मिला नया कलेक्टर: डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे की नियुक्ति, प्रशासनिक अनुभव से विकास को मिलेगी नई दिशा

राजनांदगांव : छत्तीसगढ़ सरकार ने हाल ही में 41 आईएएस वरिष्ठ अधिकारियों का बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस फेरबदल में 2011 बैच के आईएएस अधिकारी डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे को राजनांदगांव जिले का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है।
इससे पहले वे रायपुर, दुर्ग, मुंगेली और कवर्धा जैसे महत्वपूर्ण जिलों में बतौर कलेक्टर सेवाएं दे चुके हैं।डॉ. भूरे का प्रशासनिक कार्यकाल नवाचार, संवेदनशीलता और तेज़ निर्णय क्षमता के लिए जाना जाता है। कवर्धा में उनके नेतृत्व में 10 महीने में अत्याधुनिक शुगर मिल का निर्माण हुआ, जिसे देश की प्रमुख मिलों में गिना जाता है। वहीं, आदिवासी अंचलों में जल संकट को दूर करने के लिए उन्होंने बड़े स्तर पर कुओं की खुदाई और जल संरचना निर्माण कराया, जिससे ग्रामीणों की जीवनशैली में बड़ा बदलाव आया।
एमबीबीएस डॉक्टर से आईएएस बनने की उनकी यात्रा भी कम प्रेरणादायक नहीं रही है। महाराष्ट्र के भंडारा जिले से ताल्लुक रखने वाले डॉ. भूरे ने मराठी माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की और पुणे से एमबीबीएस किया। कड़ी मेहनत और समर्पण के दम पर उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में सफलता पाई और भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए।
राजनांदगांव कलेक्टर के रूप में उनकी प्राथमिकता सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक पहुंचाना, बुनियादी ढांचे का विकास, और प्रशासन को जनसमर्थ बनाना होगा। उनकी नियुक्ति से जिले में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को नई गति और दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
डॉ. भूरे के अनुभव, कार्यशैली और जनहितकारी दृष्टिकोण को देखते हुए राजनांदगांव में एक सकारात्मक बदलाव की आशा की जा रही है।







