पापमोचनी एकादशी के दिन करें इन चमत्कारी मंत्रों का जप, घर में बनी रहेगी खुशहाली

पापमोचनी एकादशी के दिन हिंदू धर्म को मानने वाले लोग भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और व्रत रखते हैं। इस एकादशी के नाम के अनुसार इस दिन रखा जाने वाला व्रत आपको हर प्रकार के पाप से मुक्ति दिलाता है। साल 2025 में पापमोचनी एकादशी का व्रत 25 मार्च को रखा जाएगा। एकादशी तिथि 25 मार्च की सुबह 5 बजकर 5 मिनट से ही शुरू हो जाएगी, इसलिए उदयातिथि की मान्यता के अनुसार इसी दिन पापमोचनी एकादशी का व्रत रखना शुभ रहेगा। इस दिन व्रत रखने वालों को भी और जो व्रत नहीं रखने वाले हैं उनको भी कुछ मंत्रों के जप से बेहद लाभ हो सकता है। इन मंत्रों के जप से घर में हमेशा खुशहाली बनी रहती है।
पापमोचनी एकादशी के दिन करें इन मंत्रों का जप
पापमोचनी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा होती है इसलिए इस दिन नीचे दिए गए मंत्रों का जप करके आप भगवान विष्णु को प्रसन्न कर सकते हैं।
- “ॐ विष्णवे नमः”
- “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय”
- “ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्”
- “ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने । प्रणत क्लेश नाशाय गोविन्दाय नमो नमः”
- “एकादश्यां समायुक्ते देवदेव जनार्दन। एकभक्तिं प्रदास्यन्ति मुक्तिं मे कुरु केशव”
भगवान विष्णु के इन मंत्रों का जप करने से व्यक्ति के सभी पाप दूर होते हैं और विष्णु जी की कृपा से घर में सुख-समृद्धि आती है।
धन-धान्य की कामना रखने वाले करें इन मंत्रों का जप
हर एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ ही धन की देवी माता लक्ष्मी की पूजा करना भी बेहद शुभ होता है। इनके मंत्रों का जप एकादशी तिथि पर करने से आपको धन-धान्य की प्राप्ति होती है।
- “श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं कमलवासिन्यै स्वाहा”
- “ॐ ह्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी वासुदेवाय नमः”
- “ॐ श्रीं ह्रीं पूर्ण गृहस्थ सुख सिद्धये ह्रीं श्रीं ॐ नमः”
- “ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः”
- “ऊँ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा”
इन मंत्रों के जप से मिलेगी सुख-शांति
भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के साथ ही एकादशी तिथि के दिन कुछ अन्य मंत्रों का जप करने से भी आपको सुख-शांति जीवन में प्राप्त हो सकती है।
- “विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लंबोदराय सकलाय जगद्धितायं”
- “ॐ भूर्भुवः स्वः तत्सवितुर्वरेण्यं। भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात्”
- “ॐ नमस्ते परमं ब्रह्मा नमस्ते परमात्ने। निर्गुणाय नमस्तुभ्यं सदुयाय नमो नम:”
- “या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः”
- “ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् उर्वारुकमिव बन्धनान्मृ त्योर्मुक्षीय मामृतात्”
इन सभी मंत्रों में से अगर आप किसी एक मंत्र का भी जप पापमोचनी एकादशी के दिन श्रद्धापूर्वक करते हैं तो शुभ फलों की प्राप्ति आपको हो सकती है।







