शनि देव की कृपा पाने के लिए शनिवार को क्या करें और क्या नहीं? जानें शनि दोष से जुड़ी मान्यताएं और जरूरी नियम

सनातन धर्म में शनिवार का दिन शनि देव की पूजा के लिए खास माना जाता है। शनि देव को कर्मफल दाता और न्याय का देवता माना गया है। अक्सर लोग शनि देव का नाम सुनकर डर जाते हैं, लेकिन शनि देव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। मान्यता है कि इस दिन कुछ उपाय करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है। आइए जानते हैं शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार को क्या करें और क्या नहीं।

हनुमान जी की करें आराधना

अगर आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि दोष चल रहा है, तो यह उपाय करें। कहा जाता है कि रावण की कैद से मुक्त कराने के कारण शनि देव ने हनुमान जी को वचन दिया था कि जो भक्त बजरंगबली की पूजा करेगा, शनि देव उसे कष्ट नहीं देंगे। ऐसे में शनिवार को हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होता है। इससे मानसिक शांति भी मिलती है।

पशु-पक्षियों की करें सेवा

शनिवार को पशु-पक्षियों की सेवा करें। इस दिन काले कुत्ते को सरसों का तेल लगी रोटी खिलाने और पक्षियों को सात प्रकार के अनाज खिलाने की परंपरा है। मान्यता है कि बेजुबान जीवों की सेवा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होती है।

पीपल के पास दीपदान

शनिवार की शाम सूर्यास्त के बाद पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाने की परंपरा है। इस दौरान “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप किया जाता है। दीपक जलाने के बाद पीपल की 7 परिक्रमा करना भी शुभ माना जाता है।

छाया दान का महत्व

शनि दोष से जुड़े उपायों में छाया दान का भी उल्लेख मिलता है। इसके लिए लोहे या मिट्टी के पात्र में सरसों का तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखा जाता है। इसके बाद तेल को जरूरतमंद को दान करने या शनि मंदिर में रखने की मान्यता है। इसे शनि से जुड़े अशुभ प्रभावों की शांति के लिए किया जाता है।

मदद करने के लिए आगे आएं 

शनिवार को जरूरतमंद लोगों की सहायता करना महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन काले तिल, काली उड़द की दाल, काला छाता, कंबल या जूते दान करने की परंपरा है। अपनी क्षमता के मुताबिक जरूरतमंद व्यक्ति की मदद कर सकते हैं।

शनिवार को न करें ये काम 

शनिवार को लोहा, नमक, सरसों का तेल और लकड़ी खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। इस दिन शराब और मांस का सेवन न करने तथा किसी के साथ बुरा व्यवहार करने से बचने की भी मान्यता है।

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