बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान हादसा, मशीन ऑपरेटर की मौत; साथी मजदूर का पैर फ्रैक्चर

लोरमी :  मुंगेली जिले के लोरमी में रविवार सुबह बिजली पोल शिफ्टिंग के दौरान दर्दनाक हादसा हो गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने चल रहे काम के दौरान अचानक मशीन का संतुलन बिगड़ गया और पोल कर्मचारियों की ओर जा गिरा। हादसे में मशीन ऑपरेटर की मौत हो गई, जबकि उनका साथी मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गया।

मृतक की पहचान ग्राम रैतरा निवासी ओम सिंह गोंड (40 वर्ष) के रूप में हुई है। वहीं घायल मजदूर का नाम झुमुक बैगा बताया गया है।

पोल निकालते समय अचानक बिगड़ा मशीन का संतुलन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, लोरमी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने बिजली पोल शिफ्टिंग का काम चल रहा था। इसी दौरान पोल निकालने के लिए मशीन का इस्तेमाल किया जा रहा था। काम के बीच अचानक मशीन का संतुलन बिगड़ गया और पोल कर्मचारियों की तरफ गिर गया।

हादसे में ऑपरेटर ओम सिंह गोंड गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोरमी ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

साथी मजदूर का पैर फ्रैक्चर, मुंगेली रेफर

हादसे में मजदूर झुमुक बैगा भी घायल हुए हैं। उनके बाएं पैर में फ्रैक्चर बताया गया है। लोरमी में प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल मुंगेली रेफर कर दिया।

घटना की सूचना लोरमी थाना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू की। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

घटना के बाद पोल शिफ्टिंग जैसे जोखिम वाले कार्यों में सुरक्षा मानकों और निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर सार्वजनिक और संवेदनशील स्थान पर चल रहे निर्माण एवं संधारण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग की जा रही है।

कार्यस्थल पर कर्मचारियों के लिए सेफ्टी हेलमेट, सुरक्षा बेल्ट और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध थे या नहीं, इसकी जांच किया जाना जरूरी माना जा रहा है। इसके अलावा व्यस्त स्थान पर काम के दौरान पर्याप्त बैरिकेडिंग और चेतावनी संकेत लगाए गए थे या नहीं, यह भी जांच का विषय है।

वहीं हादसे में इस्तेमाल की जा रही मशीनरी की तकनीकी स्थिति और उसके संचालन से जुड़े सुरक्षा मानकों की भी जांच की जरूरत बताई जा रही है।

पुलिस जांच के बाद सामने आएगी हादसे की वजह

फिलहाल हादसे की वास्तविक वजह क्या थी और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं, यह पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि जोखिम वाले मैदानी कार्यों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए, ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

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