स्क्रैप चोरी मामले में दुर्ग पुलिस के बाद अब CBI करेगी जांच, गृह मंत्रालय ने जारी किया राजपत्र

दुर्ग : भिलाई इस्पात संयंत्र से जुड़े स्क्रैप चोरी के मामले में अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जांच करेगी। विधायक रिकेश सेन की ओर से मामले की केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग के बीच गृह मंत्रालय की ओर से राजपत्र जारी किए जाने के बाद केस की CBI जांच का रास्ता साफ हो गया है। यह मामला पुरानी भिलाई थाना क्षेत्र में दर्ज है।
26 मई को फैक्ट्री में हुई थी छापेमारी
मामले की शुरुआत 26 मई को हुई कार्रवाई से हुई थी। दुर्ग पुलिस ने हथखोज इंडस्ट्रियल एरिया स्थित ए.के. ट्रेडर्स नाम की फैक्ट्री में छापा मारा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 3 करोड़ 20 लाख रुपये कीमत के वाहन और लगभग 90 लाख रुपये मूल्य का 250 टन स्क्रैप बरामद किया था।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद स्क्रैप चोरी से जुड़े नेटवर्क को लेकर जांच आगे बढ़ाई गई और कई लोगों की गिरफ्तारी हुई।
अब तक 19 लोगों की गिरफ्तारी
स्क्रैप चोरी मामले में दुर्ग पुलिस अब तक 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें संजय सिंह समेत पांच आरोपियों को जमानत मिल चुकी है, जबकि तीन कारोबारियों ने अग्रिम जमानत हासिल की है।
मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद अब इसकी जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपे जाने से केस की जांच का दायरा बढ़ गया है।
विधायक लगातार कर रहे थे CBI जांच की मांग
मामले को लेकर विधायक रिकेश सेन की ओर से लगातार केंद्रीय एजेंसी से जांच कराने की मांग की जा रही थी। उनका कहना था कि मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच CBI से कराई जानी चाहिए।
अब गृह मंत्रालय की ओर से जारी राजपत्र के बाद इस मामले की जांच CBI द्वारा किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। CBI जांच में स्क्रैप चोरी से जुड़े पूरे नेटवर्क, बरामदगी और अब तक सामने आए तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।







