‘गुरुजी’ और प्राचार्य के बीच जमकर बहस, धमकी देते हुए कहा-‘देख लूंगा… मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते’

बिलासपुर: जिले के मस्तूरी विकासखंड के सोन लोहर्सी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में प्राचार्य और एक व्याख्याता के बीच विवाद का मामला सामने आया है। प्राचार्य ने व्याख्याता सानुज राम सोनी पर अपशब्दों का इस्तेमाल करने, धमकी देने और स्कूल के प्रशासनिक कामकाज में बाधा डालने के आरोप लगाए हैं।
मामले को लेकर प्राचार्य ने जिला शिक्षा अधिकारी (DEO), विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) और पचपेड़ी थाने में शिकायत की है। घटना से संबंधित एक वीडियो सामने आने की भी बात कही गई है।
स्टाफ के सामने विवाद और धमकी का आरोप
प्राचार्य की ओर से 24 सितंबर 2026 को DEO को दी गई शिकायत के मुताबिक, प्रार्थना के बाद करीब 10:30 बजे स्कूल के स्टाफ के सामने उपस्थिति को लेकर विवाद हुआ।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि व्याख्याता ने प्राचार्य से कथित तौर पर अपशब्द कहे और धमकी देते हुए कहा कि “देख लूंगा तुमको”, “तुम मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते” और “मैं तुम्हें प्राचार्य नहीं मानता हूं।”
प्राचार्य का दावा है कि इस तरह का व्यवहार पहले भी कई बार किया जा चुका है। शिकायत के मुताबिक, इससे विद्यालय का वातावरण प्रभावित हो रहा है और कार्यालयीन कार्यों में भी परेशानी पैदा हो रही है।
उपस्थिति और आकस्मिक अवकाश को लेकर विवाद
शिकायत के अनुसार, विवाद की शुरुआत उपस्थिति रजिस्टर और आकस्मिक अवकाश यानी CL को लेकर हुई। आरोप है कि संबंधित व्याख्याता ने उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के बाद CL का आवेदन दिया।
प्राचार्य ने शिकायत में दावा किया है कि पुराने CL के स्थान पर उस दिन का अवकाश देने और वर्तमान CL को रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करने को लेकर दबाव बनाया गया।
बीच-बचाव करने वाले स्टाफ को भी धमकाने का आरोप
प्राचार्य ने यह भी आरोप लगाया है कि जब स्कूल के अन्य कर्मचारी विवाद को शांत कराने के लिए हस्तक्षेप करते हैं, तो उन्हें भी कथित तौर पर धमकी दी जाती है।
शिकायत में कहा गया है कि इस वजह से कुछ स्टाफ सदस्य कथित तौर पर डर के कारण ऐसे विवादों में बीच-बचाव करने से बचते हैं।
VIDEO डिलीट कराने के लिए धमकाने का आरोप
मामले में 24 सितंबर की एक अन्य घटना का भी शिकायत में उल्लेख किया गया है। प्राचार्य के अनुसार, संबंधित व्याख्याता के व्यवहार की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाने के उद्देश्य से CAC यानी शैक्षणिक समन्वयक द्वारा वीडियो बनाया जा रहा था।
आरोप है कि इसी दौरान व्याख्याता ने CAC का कॉलर पकड़ लिया और वीडियो डिलीट करने के लिए कथित तौर पर धमकाया।
कार्रवाई और जांच पर टिकी नजर
प्राचार्य ने अधिकारियों को दी शिकायत में संबंधित व्याख्याता के कथित व्यवहार से भविष्य में किसी अप्रिय या शारीरिक घटना की आशंका भी जताई है। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल इन सभी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अब शिक्षा विभाग और पुलिस की जांच में यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति क्या है और सामने आए वीडियो में घटनाक्रम किस तरह का है।







