Raipur News: बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी मामले में शोएब ढेबर समेत 2 गिरफ्तार, नेटवर्क की जांच तेज

रायपुर :  राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेता आनंद कुकरेजा को कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी देकर रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने इस मामले में शोएब ढेबर और एक होटल कर्मचारी को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की जांच तेलीबांधा थाना पुलिस कर रही है।

पुलिस जांच में यह बात सामने आने की बात कही जा रही है कि कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम इस्तेमाल कर कांग्रेस नेता से रंगदारी मांगने के लिए धमकी भरे फोन किए गए। इससे पहले मामले में जांजगीर-चांपा के एक युवक को भी पकड़े जाने की रिपोर्ट सामने आई थी। पूछताछ के दौरान शोएब ढेबर का नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आगे की कार्रवाई की।

होटल कर्मचारी की भूमिका भी जांच के घेरे में

इस मामले में एक होटल कर्मचारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, जांच में होटल और इंटरनेट कनेक्शन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी भरे कॉल किस तरीके से किए गए और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

क्या अन्य लोगों को भी दी गई थी धमकी?

जांच का दायरा अब और बढ़ गया है। पुलिस को कथित तौर पर यह भी जानकारी मिली है कि इसी तरह अन्य लोगों को भी धमकी दी गई थी। ऐसे में जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या सभी मामलों के पीछे एक ही नेटवर्क था या अलग-अलग लोगों ने गैंग का नाम इस्तेमाल किया।

पुलिस मोबाइल कॉल, इंटरनेट कॉल, लोकेशन और आपसी संपर्कों समेत दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की जांच कर रही है।

ढेबर परिवार को मिली धमकी से भी जोड़ा जा रहा कनेक्शन

रिपोर्टों के मुताबिक, कुछ समय पहले ढेबर परिवार को भी कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई और अमन साव गैंग के नाम से धमकी देकर बड़ी रकम की मांग किए जाने का मामला सामने आया था। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि क्या उस मामले और आनंद कुकरेजा को मिली धमकी के बीच कोई संबंध है।

हालांकि, इन दोनों मामलों के बीच सीधा कनेक्शन होने की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस

शोएब ढेबर और होटल कर्मचारी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब कथित धमकी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि धमकी देने के लिए किन लोगों का इस्तेमाल किया गया, किसके कहने पर फोन किए गए और इसके पीछे वास्तविक मकसद क्या था।

पुलिस की आगे की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी स्पष्ट हो सकती है।

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