देवशयनी एकादशी आज: भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए ऐसे करें पूजा, यहां देखें पूरी सामग्री और विधि

सनातन धर्म में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाई जाने वाली देवशयनी एकादशी का विशेष महत्व है। इसी दिन श्रीहरि विष्णु चार माह के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं। ऐसे में अगर आप इस दिन व्रत और पूजा करने जा रहे हैं, तो पहले से पूजा विधि और जरूरी सामग्री की जानकारी होना जरूरी है। देवशयनी एकादशी की पूजा विधि से लेकर संपूर्ण सामग्री लिस्ट तक यहां जानिए सबकुछ।

क्या है देवशयनी एकादशी का महत्व?

देवशयनी एकादशी विष्णु जी को समर्पित प्रमुख व्रतों में से एक है। इस दिन श्रीहरि विष्णु क्षीरसागर में शेषनाग की शैया पर योगनिद्रा में प्रवेश करते हैं। इसी के साथ चातुर्मास की शुरुआत हो जाती है, जो देवउठनी एकादशी तक चलता है। इस साल देवशयनी एकादशी 25 जुलाई 2026 को पड़ रही है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाएंगे।

पूजा की जरूरी सामग्री

  1. भगवान विष्णु या लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा या चित्र
  2. पूजा की चौकी
  3. पीला या लाल वस्त्र
  4. कलश
  5. गंगाजल
  6. पंचामृत
  7. शुद्ध जल
  8. रोली
  9. हल्दी
  10. चंदन
  11. अक्षत
  12. मौली
  13. तुलसी दल
  14. पीले पुष्प
  15. धूप
  16. अगरबत्ती
  17. घी का दीपक
  18. कपूर
  19. नैवेद्य
  20. मौसमी फल
  21. नारियल
  22. सुपारी
  23. पान के पत्ते
  24. लौंग और इलायची
  25. माखन-मिश्री
  26. खीर या पंजीरी
  27. पीली मिठाई
  28. आरती की थाली

देवशयनी एकादशी की पूजा विधि

  1. देवशयनी एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद पूजा स्थान की साफ-सफाई करें।
  2. चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु या लक्ष्मी-नारायण की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
  3. भगवान जी का गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक करें।
  4. भगवान को पीले वस्त्र, चंदन, अक्षत, तुलसी दल और पीले फूल अर्पित करें।
  5. इसके बाद धूप-दीप जलाकर पंचामृत, खीर, माखन-मिश्री, मौसमी फल, मिठाई आदि का भोग लगाएं।
  6. पूजा के अंत में भगवान के सामने साफ पीला या सफेद वस्त्र बिछाकर प्रतीकात्मक रूप से शयन कराएं।
  7. इस दौरान ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना शुभ माना जाता है।
  8. अंत में घी का दीपक जलाकर आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

दान का भी है महत्व

देवशयनी एकादशी पर पूजा और व्रत के साथ दान-पुण्य करना भी शुभ माना जाता है। इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, जल या दक्षिणा का दान करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होने की मान्यता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button