जिले में आयोजित हुआ तीन दिवसीय NQAS एवं KAYAKALP प्रशिक्षण, 180 स्वास्थ्यकर्मी हुए प्रशिक्षित

मनेंद्रगढ़: बीते दिवस जिले के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (NQAS) एवं KAYAKALP के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय, मनेंद्रगढ़ में एक दिवसीय प्रशिक्षण तीन सत्रों में आयोजित किया गया। जिले में पहली बार सभी स्वास्थ्य संस्थानों के विभिन्न संवर्गों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए इस प्रकार का व्यापक प्रशिक्षण आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण का मुख्य केंद्रबिंदु NQAS रहा। प्रतिभागियों को NQAS के अंतर्गत सेवा प्रदायगी, रोगी अधिकार, नैदानिक सेवाएं, सहायता सेवाएं, इनपुट प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, गुणवत्ता प्रबंधन, दस्तावेजीकरण, रिकॉर्ड संधारण तथा सतत गुणवत्ता सुधार से संबंधित विभिन्न मानकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। साथ ही KAYAKALP कार्यक्रम के अंतर्गत स्वच्छता, संक्रमण नियंत्रण, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन तथा रोगी-अनुकूल वातावरण निर्माण से जुड़े पहलुओं पर भी प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों के आंतरिक एवं बाह्य मूल्यांकन, गैप एनालिसिस, साक्ष्य संधारण, दस्तावेजों की तैयारी, चेकलिस्ट आधारित मूल्यांकन एवं गुणवत्ता संकेतकों की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को विभिन्न व्यावहारिक उदाहरणों एवं समूह चर्चाओं के माध्यम से यह समझाया गया कि NQAS केवल प्रमाणन प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा एवं मरीज संतुष्टि में निरंतर सुधार की एक सतत प्रणाली है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। NQAS एवं KAYAKALP जैसे कार्यक्रम स्वास्थ्य संस्थानों को अधिक व्यवस्थित, जवाबदेह एवं रोगी-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान का उपयोग करते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों को गुणवत्ता सुधार की दिशा में निरंतर प्रयास करना चाहिए।

जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती ने बताया कि जिले के स्वास्थ्य संस्थानों को आगामी NQAS एवं KAYAKALP आकलनों के लिए बेहतर रूप से तैयार करने के उद्देश्य से यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि जिले में पहली बार सभी प्रमुख संवर्गों के स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों को एक साथ प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे गुणवत्ता संबंधी मानकों की समान समझ विकसित होगी तथा सभी संस्थानों में एकरूपता के साथ कार्य किया जा सकेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण के परिणामस्वरूप जिले के स्वास्थ्य संस्थानों की गुणवत्ता, दस्तावेजीकरण व्यवस्था, संक्रमण नियंत्रण उपायों तथा रोगी संतुष्टि के स्तर में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा और आगामी गुणवत्ता आकलनों में बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।

प्रशिक्षण यूनिसेफ राज्य सलाहकार आरएमएनसीएच व बाह्य मूल्यांकर्ता डॉ. अक्षय शक्ति तिवारी द्वारा किया गया। प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों से कुल 180 अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सहभागिता की, जिनमें चिकित्सक, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर (BPM), अस्पताल प्रबंधक, स्टाफ नर्स, ग्रामीण चिकित्सा सहायक (RMA), सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO), फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन एवं ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी (RHO) शामिल रहे। यह प्रशिक्षण जिला नोडल अधिकारी डॉ. नम्रता चक्रवर्ती, सहायक जिला नोडल अधिकारी श्री अवनीश पाण्डेय एवं सुश्री लक्ष्मी रजक के समन्वय में आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने अपने-अपने स्वास्थ्य संस्थानों में NQAS एवं KAYAKALP के मानकों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण एवं रोगी-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button