01 जुलाई से लागू होगी “वीबी-जी-रामजी योजना”, ग्रामीण श्रमिकों को मिलेगी 125 दिनों के रोजगार की गारंटी

केन्द्र सरकार की नई पहल से ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन को मिलेगी नई गति

बेमेतरा :  केन्द्र सरकार ने ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन तथा स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम” (वीबी-जी-रामजी योजना) को 01 जुलाई 2026 से लागू करने की घोषणा की है। यह योजना वर्तमान में संचालित महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के स्थान पर लागू की जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार नई योजना के अंतर्गत कार्यों की स्वीकृति 01 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगी। वहीं, मनरेगा के तहत स्वीकृत एवं प्रगतिरत सभी कार्यों को 15 जून 2026 तक पूर्ण करना अनिवार्य किया गया है, ताकि नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू किया जा सके।

125 दिनों के रोजगार की गारंटी
वीबी-जी-रामजी योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी प्रदान की जाएगी। यह वर्तमान व्यवस्था की तुलना में अधिक रोजगार उपलब्ध कराएगी, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी तथा आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में दीर्घकालिक और उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना भी है। इसके अंतर्गत जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, ग्रामीण सड़क एवं आधारभूत संरचना निर्माण, कृषि उत्पादकता वृद्धि तथा आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन पर विशेष फोकस
नई योजना में बदलते पर्यावरणीय परिदृश्य और प्राकृतिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कई नए प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है। इनमें—

– बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी व्यवस्था,
– पशुपालन एवं डेयरी विकास,
– मत्स्य पालन और जल आधारित आजीविका गतिविधियां,
– जलवायु अनुकूल कृषि एवं पर्यावरण संरक्षण कार्य,
– आपदा प्रबंधन एवं जोखिम न्यूनीकरण से जुड़े कार्य को विशेष प्राथमिकता प्रदान की जाएगी। इन कार्यों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाएं होंगी अनिवार्य
वीबी-जी-रामजी योजना के अंतर्गत कार्यस्थलों पर श्रमिकों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रत्येक कार्यस्थल पर निम्नलिखित सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराई जाएंगी—

– स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था,
– छाया एवं विश्राम स्थल,
– प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) किट,
– छोटे बच्चों की देखभाल के लिए आवश्यक व्यवस्था,
– सुरक्षित एवं श्रमिक-अनुकूल कार्य वातावरण। सरकार का मानना है कि बेहतर कार्य परिस्थितियां श्रमिकों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को भी सुनिश्चित करेंगी।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
नई योजना में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। कार्यस्थलों पर महिला श्रमिकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाएगा तथा उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ग्रामीण महिलाओं को रोजगार, आय और आत्मनिर्भरता के नए अवसर प्राप्त होंगे।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया संबल
विशेषज्ञों का मानना है कि वीबी-जी-रामजी योजना ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आधारभूत संरचना विकास, प्राकृतिक संसाधन संरक्षण तथा आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायता मिलेगी। केन्द्र सरकार ने सभी राज्यों एवं जिला प्रशासनों को निर्देशित किया है कि नई योजना के सफल संचालन हेतु आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण की जाएं, ताकि 01 जुलाई 2026 से इसका लाभ ग्रामीण परिवारों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके।

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